इटावा, 09 मई 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अनु0 जाति/अनु0 जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के अंतर्गत अभियोजित वादों, पीड़ितों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति, गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम-1986, महिलाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराधों तथा अन्य आपराधिक मामलों के निस्तारण की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधी समाज के लिए नासूर हैं और उनके प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। सामाजिक हित में अपराधियों को सजा दिलाकर जेल भेजना आवश्यक है, वहीं निर्दोष व्यक्तियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने महिला संबंधी अपराधों एवं पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने तथा न्यायालयों में मुकदमों की मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कानून के प्रति भय कायम करने एवं अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में गुण्डा एक्ट के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई करने, लगातार अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कदम उठाने तथा गैंगस्टर, महिला एवं बच्चों से संबंधित मामलों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बड़े अपराधियों को सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायपालिका का सहयोग बेहतर है और जो भी अपराध करेगा उसे सजा अवश्य मिलेगी। इससे समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अपराधियों में भय का वातावरण बनेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी सहित फौजदारी, पॉक्सो एक्ट, राजस्व, दीवानी एवं गैंगस्टर एक्ट से संबंधित सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
