इटावा, 24 अप्रैल 2026। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर, फेस फैक्टर एवं ई-केवाईसी (एफआरएस) की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि बार-बार निर्देशों के बावजूद शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत सरकार 100% से कम प्रगति स्वीकार नहीं करेगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में बढ़पुरा (97.67%), महेवा (95.88%) तथा कुल प्रगति 95.59% पाई गई, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच एवं पोषण ट्रैकिंग की समीक्षा में कई ब्लॉकों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने एएनएम के नियमित प्रशिक्षण एवं बैठक सुनिश्चित कराने के साथ ही जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
आभा आईडी एवं अपार आईडी के संबंध में सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों की सूची बनाकर निगरानी करें और 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की आईडी बनाना सुनिश्चित करें।

मेजरमेंट एफिशिएंसी पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पार्टनर एजेंसियां गांव स्तर पर सही आंकड़ों का सर्वे कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचालित पोषण ट्रैकर गृह भ्रमण अभियान में छूटे हुए बच्चों एवं लाभार्थियों को कवर करने के निर्देश दिए गए।
सीबीई एवं वीएसएचएनडी सत्रों की समीक्षा में 1564 के सापेक्ष केवल 1016 सत्र आयोजित पाए गए, जिसे अपर्याप्त बताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सत्रों में गर्भवती महिलाओं की महत्वपूर्ण जांच होती है, इसलिए इन्हें गंभीरता से लिया जाए।
पोषण वितरण की समीक्षा में एफआरएस के माध्यम से 72.60% प्रगति पाई गई, जिस पर बढ़पुरा, बसरेहर, भरथना एवं चकरनगर में विशेष सुधार के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि लाभार्थियों को वास्तविक रूप से पोषण प्राप्त हो रहा है या नहीं।
सैम बच्चों के चिन्हीकरण में लगातार वृद्धि दर्ज की गई, वहीं एनआरसी में केवल 15 बच्चों की भर्ती पर असंतोष जताते हुए सैफई में शून्य भर्ती पर नाराजगी व्यक्त की गई। अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।
जन्म पंजीकरण अभियान को पूर्ण करने, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित मामलों के निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड के लंबित मामलों को शीघ्र पूर्ण करने तथा सभी की आईडी सक्रिय कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में “स्कूल चलो अभियान 2026” की भी समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत 3 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं शिक्षकों के समन्वय से अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया गया।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, एडीपीआरओ रोहित कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
