महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए यह कहा गया कि आधी आबादी की पूरी आज़ादी और उनकी हिफ़ाज़त सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। परिवार, समाज और देश को मज़बूती देने में महिलाओं की भूमिका अहम है, इसलिए उन्हें सम्मान और अवसर देना आवश्यक है। जब समाज में योगदान देने वालों को सम्मान मिलता है, तो उनका मनोबल भी बढ़ता है और वे और अधिक सशक्त बनकर आगे बढ़ती हैं।

इस दौरान ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अवधारणा में ‘A’ यानी ‘आधी आबादी’ पर विशेष जोर देते हुए कहा गया कि हर बच्ची, युवती और महिला को सामाजिक व आर्थिक रूप से समान अधिकार और अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ लाने की घोषणा की गई है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सके।
इसके साथ ही ‘समाजवादी पेंशन’ योजना को फिर से लागू करने की बात कही गई, ताकि महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके और वे आत्मविश्वास के साथ जीवनयापन कर सकें। यह भी स्पष्ट किया गया कि महिलाओं के सशक्तीकरण के माध्यम से ही उत्तर प्रदेश की संपूर्ण उन्नति का संकल्प पूरा किया जाएगा।
नेताओं ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके विकास के लिए भविष्य में भी निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।
