रियाद। ईरान और अमेरिका–इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों को भी अपनी चपेट में लेने लगा है। ताजा घटनाक्रम में सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हुए मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
हमलों के बाद सऊदी नेतृत्व ने अब तक की सबसे सख्त चेतावनी जारी की है। सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में ईरान के साथ जो थोड़ा-बहुत भरोसा बना था, वह इन हमलों के बाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे के बजाय शत्रुता का रास्ता चुना है।
विदेश मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, “सऊदी अरब न तो किसी दबाव में झुकेगा और न ही किसी प्रकार के ब्लैकमेल को स्वीकार करेगा। हम अपनी सुरक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखते हैं।”
जब उनसे संभावित जवाबी कार्रवाई के समय को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा, “हमारा धैर्य असीमित नहीं है। जवाब एक दिन में भी हो सकता है, दो दिन में या एक हफ्ते में—समय नहीं बताया जाएगा, लेकिन प्रतिक्रिया अवश्य दी जाएगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर भी इसके प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
