जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश के मा० मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र संख्या 190 दिनांक 06 मार्च 2026 के क्रम में जनसुनवाई समाधान प्रणाली पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल पर जनसुनवाई संदर्भों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ जनपदों द्वारा शिकायतों की फीडिंग में गलत फ्लैग लगाया जा रहा है तथा कई मामलों का जनपद स्तर पर संतोषजनक निस्तारण नहीं हो रहा है। इसके कारण असंतुष्ट फीडबैक की संख्या बढ़ रही है और बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता अपनी समस्याएं लेकर सीधे मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं, जबकि इनका समाधान जनपद स्तर पर ही संभव था।

मा० मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक कार्यदिवस (पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को छोड़कर) प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक कार्यालय में जनसुनवाई कर प्राप्त शिकायतों को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराते हुए एसडीएमएस, जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के माध्यम से उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा इस स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। इनमें सभी संदर्भों को आईजीआरएस पोर्टल पर जनसुनवाई का फ्लैग लगाकर फीड करना, असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों का पुनः सत्यापन कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करना शामिल है।

साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि शिकायतों को गलत श्रेणी जैसे मांग या सलाह में दर्ज करना अत्यंत आपत्तिजनक है, इसलिए संबंधित अधिकारी इस प्रकार की कमियों को तत्काल ठीक कराना सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनसुनवाई के निर्धारित समय प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक किसी भी प्रकार की बैठक या फील्ड विजिट आयोजित न करें तथा प्रतिदिन समय से कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई को प्राथमिकता दें।
जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी द्वारा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया तो उसकी जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
