जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अधिक से अधिक नए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि निर्धारित धनराशि का पूर्ण उपयोग हो सके और कोई भी बजट अव्ययित न रहे।

निराश्रित महिला पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पति की मृत्यु के बाद पात्र महिलाओं को अधिक से अधिक लाभान्वित किया जाए तथा अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाया जाए। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 4656 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3184 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 802 आवेदन अस्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बालिका को छह चरणों में कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
बैठक में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 718 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जबकि फरवरी माह में 78 नए लाभार्थियों को अनुमोदन दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रवरकर्ता कार्यक्रम योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 268 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के सत्यापन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विवाह अनुदान योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आगामी नवरात्र के अवसर पर अधिक से अधिक गरीब कन्याओं के विवाह संपन्न कराए जाएं। साथ ही सामान्य वर्ग विवाह अनुदान तथा अनुसूचित जाति विवाह अनुदान योजना के अंतर्गत भी अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण योजना के तहत पीड़ितों को समय से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया।
शिक्षा और कौशल विकास पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना तथा युवाओं के लिए ‘ओ’ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर प्रशिक्षण को अन्य पाठ्यक्रमों के साथ जोड़कर संचालित किया जाए, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) प्रिया शर्मा, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
