जनपद के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सुशीला हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एनआईसीयू (NICU) में पहली बार थैरेप्यूटिक हाइपोथर्मिया (Therapeutic Hypothermia) की सुविधा सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दी गई है। वर्तमान में पूरे इटावा जनपद में यह उन्नत एवं विशेष उपचार सुविधा केवल इसी अस्पताल में उपलब्ध है।
चिकित्सकों के अनुसार थैरेप्यूटिक हाइपोथर्मिया एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार पद्धति है, जिसका उपयोग जन्म के समय गंभीर बर्थ एस्फिक्सिया अर्थात हाइपॉक्सिक इस्कीमिक एन्सेफालोपैथी (HIE) से ग्रसित नवजात शिशुओं में किया जाता है। इस प्रक्रिया में शिशु के शरीर का तापमान नियंत्रित रूप से 33–34 डिग्री सेल्सियस तक कम कर लगभग 72 घंटों तक बनाए रखा जाता है। इससे मस्तिष्क को होने वाली संभावित क्षति को कम करने में मदद मिलती है तथा मृत्यु अथवा भविष्य में न्यूरोलॉजिकल विकलांगता के जोखिम को घटाया जा सकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस अत्याधुनिक सुविधा के लिए विशेष उपकरणों एवं प्रशिक्षित विशेषज्ञ टीम की व्यवस्था की गई है, जिससे नवजातों को सुरक्षित एवं मानक प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार प्रदान किया जा सके।
प्रबंधन ने आशा व्यक्त की है कि इस सुविधा के आरंभ होने से इटावा सहित आसपास के जिलों के नवजात शिशुओं को समय पर उन्नत एवं जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध हो सकेगा, जिससे गंभीर मामलों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे। यह पहल जनपद के नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
