प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब जन्म प्रमाणपत्र नवजात बच्चों के अभिभावकों तक घर-घर पहुंचाए जाएंगे। इस योजना में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सेतु के रूप में जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
सीडीओ अजय कुमार गौतम के निर्देश पर ब्लॉक स्तर से इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत नवजात बच्चों के आवश्यक दस्तावेज पूर्ण होते ही जन्म प्रमाणपत्र निर्गत कर दिए जाएंगे, जिन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीधे अभिभावकों तक पहुंचाएंगी। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
खंड विकास अधिकारी खदूवीर ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र बच्चों के भविष्य से जुड़ा अहम दस्तावेज है, जिसके बिना कई बार शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इस प्रक्रिया को सरल एवं तेज बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया है।
सुपरवाइजर गुंजवती ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रमाणपत्र घर-घर पहुंचाए जाएंगे, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। इस पहल से अभिभावकों में संतोष है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी।
