छात्र नागरिक स्वास्थ्य एवं कोचिंग सेंटरों की निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी कोचिंग सेंटरों के नवीनीकरण, पंजीकरण एवं नियमित जांच कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सभी कोचिंग सेंटरों का भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि यह समिति माननीय उच्चतम न्यायालय में योजित CRI. A No. 3177/2025 (सुकदेब साहा बनाम आंध्र प्रदेश राज्य एवं अन्य) में पारित आदेश दिनांक 25 जुलाई 2025 के अनुपालन में गठित की गई है। इसके अंतर्गत समिति जिला स्तर पर समस्त विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग सेंटरों एवं छात्रावासों द्वारा UMMEED गाइडलाइन, MANODARPAN पहल तथा राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति के दिशानिर्देशों के आत्मसात एवं अनुपालन को सुनिश्चित करेगी।

समिति कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी तथा यह भी सत्यापित करेगी कि संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य नीतियां, परामर्शदाताओं की नियुक्ति, सुरक्षा मानक, छात्रावासों एवं आवासीय परिसरों में tamper-proof सीलिंग फैन, पर्याप्त स्वच्छता व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। इसके उपरांत सक्षम अधिकारी को पंजीकरण की स्वीकृति अथवा अस्वीकृति की संस्तुति की जाएगी। साथ ही दिव्यांगजन छात्रों के लिए दिव्यांगजन हितैषी मानकों को सम्मिलित किए जाने पर विशेष बल दिया गया, जैसा कि शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार की हार्मोनाइज्ड गाइडलाइन्स–2020 में प्राविधानित है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों, परामर्शदाता अनुपात, प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे की सुरक्षा एवं शिकायत निवारण तंत्र के अनुपालन की पुष्टि के लिए प्रत्येक पंजीकृत कोचिंग सेंटर एवं आवासीय शिक्षण संस्थान का वार्षिक निरीक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।

इस बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, श्रीनिवास यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

