सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत वैशाली पुरम कॉलोनी स्थित एनएच-19 के पास बने नवनिर्मित इस्कॉन मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया जब मंदिर के एक स्टोर रूम में 6 फीट लंबा और लगभग 10 किलो वजनी अजगर छिपा हुआ मिला।

मंदिर कर्मचारी कबाड़ हटा रहे थे तभी उनकी नजर उस विशाल अजगर पर पड़ी। डर के मारे वे तुरंत कमरे से बाहर भागे और घटना की सूचना मंदिर प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही मंदिर प्रशासन ने तुरंत भक्तों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा।

मंदिर में मौजूद कृष्ण भक्त विराट रूप वराह दास ने बताया कि अजगर को देखकर सभी भक्तों में भय का माहौल बन गया था। इसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञ और सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी को स्नेकबाइट हेल्पलाइन पर रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। डॉ. आशीष ने मौके पर पहुंचकर अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और सभी भक्तों को भयमुक्त किया।

रेस्क्यू के बाद अजगर को सामाजिक वानिकी विभाग इटावा के दिशा-निर्देश में उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
नगर पालिका परिषद इटावा के स्वच्छता, वन्यजीव पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन के ब्रांड एंबेसडर डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि यह अजगर विषहीन प्रजाति का है, जिसका वैज्ञानिक नाम Python molurus है। उन्होंने कहा कि इसके काटने से मृत्यु नहीं होती, लेकिन लापरवाही के कारण घाव में संक्रमण (गैंग्रीन) हो सकता है।
डॉ. आशीष ने बताया कि सर्पदंश का सुरक्षित इलाज जिला अस्पताल इटावा के इमरजेंसी वार्ड (कमरा नंबर 3) और सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान में उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि सर्पदंश की स्थिति में ओशन संस्था की स्नेक बाइट हेल्पलाइन 7017204213 पर सांप के काटे के निशान की फोटो भेजकर यह पुष्टि की जा सकती है कि सांप विषधारी है या नहीं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतें—रात में दरवाजों के नीचे कपड़ा लगाएं, बिस्तर और जूते जांचकर इस्तेमाल करें, अंधेरे में बिना रोशनी के न जाएं और खुले में सोते समय मच्छरदानी अवश्य लगाएं।
