ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) इटावा इकाई ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते धार्मिक उन्माद, बुलडोजर कार्रवाई और मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचारों को लेकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की है। सोमवार को जिलाध्यक्ष शमशाद हुसैन वारसी के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी इटावा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में धर्म के नाम पर नफरत और उन्माद का माहौल बढ़ा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि तथाकथित गौरक्षक संगठनों और कट्टरपंथी समूहों को संरक्षण प्राप्त है, जिनके चलते मॉब लिंचिंग, फर्जी मुकदमे और पुलिस ज्यादती जैसी घटनाएं बढ़ी हैं।
AIMIM ने बरेली की 26 सितंबर की घटना का उल्लेख करते हुए प्रशासन पर निर्दोष लोगों, महिलाओं और नाबालिगों पर बर्बर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान को “असंवैधानिक और अमर्यादित” बताते हुए उसकी निंदा की।
पार्टी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वे उत्तर प्रदेश सरकार को संविधानसम्मत शासन चलाने के निर्देश दें, अन्यथा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में एहसान खान, शरीफ खान, मोहम्मद शावेज़, अनीस अली, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद फैज, अदनान खान समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
