वरिष्ठ पत्रकार नीरज महेरे का जन्म इटावा जनपद की विधान सभा व तहसील जसवंतनगर के बाउथ गाँव में हुआ। यह इलाका सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समृद्ध माना जाता है, और यहीं के ग्रामीण परिवेश ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा। उनके पिता अधिवक्ता राम किशोरे महेरे एक सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं, जिन्होंने नीरज को मेहनत और ईमानदारी का महत्व सिखाया। उनकी माता श्रीमती कान्ति महेरे ने उन्हें जीवन के नैतिक मूल्य, सच्चाई और संघर्ष का पाठ पढ़ाया। इन्हीं पारिवारिक संस्कारों ने उन्हें पत्रकारिता जैसे कठिन और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में ईमानदारी से टिके रहने की शक्ति दी।
उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत 1996 में मंजू महेरे के साथ हुई। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार व्यस्त रहने और अक्सर खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपने पारिवारिक जीवन को भी मजबूती से निभाया। पत्नी का सहयोग उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा और यही कारण है कि वे हमेशा पत्रकारिता को समाजसेवा का एक माध्यम मानते रहे।
नीरज महेरे ने अपनी पत्रकारिता यात्रा वर्ष 1994 में ‘हिंदुस्तान’ अखबार से शुरू की। क्राइम रिपोर्टिंग जैसी कठिन बीट पर काम करना उनके कैरियर का पहला पड़ाव था। अपराध जगत की बारीकियों, पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली और न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को गहराई से समझते हुए उन्होंने जनता तक तथ्यात्मक और बेबाक रिपोर्टिंग पहुँचाई। उनकी खबरें हमेशा तथ्यात्मक और निष्पक्ष होती थीं, जिससे उन्हें पाठकों का विश्वास और अखबार प्रबंधन की भी सराहना मिली।
इसके बाद वे ‘अमर उजाला’ से जुड़े और फिर ‘हिंदुस्तान’ अखबार में जिला संवाददाता बने। जिला स्तर पर काम करते हुए उन्होंने गाँवों से लेकर शहरों तक की समस्याओं को उजागर किया। इस दौरान उन्होंने दिखाया कि पत्रकारिता केवल घटनाओं को लिखना नहीं बल्कि समाज को दिशा देना भी है। उनकी रिपोर्टिंग ने कई बार प्रशासन को कठोर कदम उठाने पर मजबूर किया।
उनकी प्रतिभा ने उन्हें ‘स्टेट टुडे’ पाक्षिक पत्रिका में ब्यूरो चीफ का पद दिलाया। यहाँ उन्हें इटावा, औरैया और मैनपुरी जैसे तीन महत्वपूर्ण जिलों की ज़िम्मेदारी मिली। यह पद उनके लिए बड़ा अवसर था क्योंकि उन्हें एक साथ कई जिलों की पत्रकारिता करनी थी। उन्होंने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए इन जिलों से जुड़े मुद्दों को प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाया।
पत्रकारिता में उनकी बढ़ती पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें ‘यूएनआई’ और अंग्रेजी अखबार ‘पायनियर’ में एक साथ काम करने का अवसर दिया। तीन वर्षों तक उन्होंने दोनों संस्थानों में जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। इस दौरान वे केवल हिंदी पत्रकारिता तक सीमित नहीं रहे बल्कि अंग्रेजी में भी अपनी पकड़ मजबूत की। इस बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें मीडिया जगत का एक अलग चेहरा बना दिया।
इसके बाद उन्होंने ‘जनसत्ता’ और ‘नई दुनिया’ जैसे बड़े अखबारों में काम किया और पुनः ‘यूएनआई’ से जुड़े। इसके बाद उनका सफर उन्हें नोएडा ले गया, जहाँ उन्होंने ‘विराट भारत’ अखबार में क्राइम डेक्स प्रभारी एनसीआर की जिम्मेदारी संभाली। एनसीआर क्षेत्र अपराध और राजनीति दोनों दृष्टियों से संवेदनशील रहा है और यहाँ उनकी रिपोर्टिंग ने उन्हें और अधिक मजबूत पत्रकार बना दिया।
इसी दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कदम रखा और ‘साधना न्यूज’ टीवी चैनल से जुड़े। यहाँ उन्होंने नोएडा और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों की घटनाओं को कवर किया। इसके बाद उनका कैरियर पश्चिम बंगाल के प्रमुख अखबार ‘सन्मार्ग’ से जुड़ा, जहाँ वे लगभग 6 वर्षों तक क्राइम डेक्स प्रभारी एनसीआर रहे। उनकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें बाद में ‘सन्मार्ग’ का उत्तर प्रदेश हेड बना दिया गया और वे छह वर्षों तक इसी सन्मार्ग अख़बार में लखनऊ में सक्रिय रहे।
पत्रकारिता के इस लंबे सफर में वे ‘तहलका’ पाक्षिक पत्रिका के यूपी स्टेट हेड भी बने। यहाँ उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों को गहराई से कवर किया। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी अखबार ‘हिन्दुस्तान एक्सप्रेस’ से जुड़कर विशेष संवाददाता (यूपी) की जिम्मेदारी संभाली, जहाँ वे पिछले चार वर्षों से लगातार कार्यरत हैं।
नीरज महेरे की पहचान केवल प्रिंट मीडिया तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने JMD NEWS के लाइव डिबेट से टीवी पत्रकारिता में प्रवेश किया और पिछले तीन वर्षों से लगातार देशभर के टीवी चैनलों पर वरिष्ठ पत्रकार के रूप में सक्रिय हैं। उनकी गहरी समझ, तथ्य आधारित विश्लेषण और बेबाक बोलने की शैली ने उन्हें दर्शकों और चैनल प्रबंधन का प्रिय बना दिया।
उनकी सबसे उल्लेखनीय उपस्थिति लोकप्रिय कार्यक्रम “Muddha Hai Garam” में होती है। इस कार्यक्रम में वे राजनीतिक दलों, प्रशासन और जनता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। चाहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे हों, यूपी की राजनीति में बदलाव हो, या पोस्टर वॉर जैसी घटनाएँ – नीरज महेरे का विश्लेषण हमेशा तथ्यात्मक और संतुलित होता है। उनकी यह निष्पक्षता और निडरता उन्हें अन्य पैनलिस्टों से अलग पहचान दिलाती है।
आज नीरज महेरे सिर्फ JMD NEWS,में ही नहीं देश के तमाम टी वी चैनल इंडिया न्यूज, TV9, जनतंत्र TV, न्यूज 18, ज़ी एनसीआर, K न्यूज, अनादि TV, न्यूज 24 MP, Mnshif TV, ABC न्यूज, एशियन न्यूज, प्राइम न्यूज, खबर फास्ट न्यूज और लाइव एक्स न्यूज जैसे चैनलों पर ही नहीं बल्कि मीडिया जगत में एक विश्वसनीय और मजबूत आवाज़ के रूप में जाने जाते हैं। वे पत्रकारिता जगत के उन वरिष्ठ नामों में गिने जाते हैं जो निडर होकर सच बोलते हैं और समाज के हित में हमेशा खड़े रहते हैं।