इटावा:- नीलकंठ मंदिर में हो रहे हरि कथा महोत्सव में प्रवचन करते हुए पं. गोविंद त्रिपाठी ने कहा कि परमात्मा निराकार भी है लेकिन वह धर्म की स्थापना और दुष्ट अधर्मियों से अपने भक्त सज्जनों की रक्षा करने एवं उन्हें सुख देने के लिए साकार रूप में प्रकट होकर धरती पर अवतार लेता है।
राम जन्म के प्रसंग की चर्चा करते हुए पं. गोविंद त्रिपाठी ने कहा कि जब ताड़का , मारीच, सुबाहु, खर दूषण, रावण जैसे आतताई राक्षसों के अधर्मी अनाचारी कृत्यों से पृथ्वी कांप उठी तो अवध में राजा दशरथ के यहां परमात्मा राम ने “विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार”। केवल इतना ही नहीं, धर्म की स्थापना के लिए राम ने एक मर्यादापूर्ण जीवन जीने का ऐसा आदर्श समाज के सामने प्रस्तुत किया जो “राम राज्य” का अद्वितीय उदाहरण बन गया। इसके बाद उन्होंने सीता राम विवाह का बड़ा ही मनोरम ढंग से वर्णन किया।
कथा का समय तीन बजे से सायं सात बजे तक है। आरती एवं प्रसाद वितरण में मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार वाजपेई, महामंत्री राजीव कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष केके द्विवेदी के अलावा कुलदीप अवस्थी, प्रशांत दीक्षित बॉबी, दिग्दर्शन सिंह यादव आदि का विशेष सहयोग है।
