एडवोकेट मुहम्मद अलताफ बोले – बयान न केवल भ्रामक, बल्कि मुस्लिम समुदाय की छवि को भी पहुंचा रहा नुकसान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के खिलाफ दिए गए मौलाना साजिद रशीद के बयान की देशभर में तीव्र आलोचना हो रही है। सभी दलों के नेता इस बयान को निंदनीय बताते हुए एकजुट होकर इसे सस्ती लोकप्रियता का प्रयास करार दे रहे हैं। इस बीच इस्लामिया इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट मुहम्मद अलताफ ने भी मौलाना साजिद रशीद के बयान को “भ्रामक व दुर्भावनापूर्ण” बताया है।
एडवोकेट अलताफ ने कहा कि डिंपल यादव रामपुर में एक मस्जिद में पहुंचे थे, जहां वे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ आमंत्रण पर गई थीं। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद के इमाम और मौलवी खुद एक सांसद हैं, जिनके निमंत्रण पर सांसदों का वहां जाना स्वाभाविक और सम्मानजनक था। ऐसे में मौलाना साजिद रशीद द्वारा यह कहना कि वहां कोई “मीटिंग” थी, पूर्णतः गुमराह करने वाला बयान है।
अलताफ ने इतिहास और इस्लामी परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि, “हमारे नबी के दौर में जब अन्य धर्मों के लोग आते थे, तो उन्हें मस्जिद में बैठाकर सम्मानपूर्वक मुलाकात की जाती थी। इस मुहब्बत और भाईचारे के कारण ही इस्लाम ने पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाई है।” उन्होंने कहा कि मौलाना का यह बयान मुस्लिम समुदाय की परंपराओं और मूल्यों को चोट पहुंचाता है।
उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि डिंपल यादव भारतीय संस्कृति और गरिमा की प्रतीक हैं। वे हमेशा मर्यादित और सादगीपूर्ण भारतीय परिधान साड़ी में ही नजर आती हैं। ऐसे में उनके वस्त्रों पर टिप्पणी करना न केवल असभ्य, बल्कि बचकानी हरकत है। डिंपल यादव महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं और उन पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी से पूरा मुस्लिम समाज शर्मिंदा है।
अंत में एडवोकेट अलताफ ने कहा कि यह वही मौलाना हैं जो कुछ पैसों और टीवी डिबेट की लोकप्रियता के लिए बार-बार मुस्लिम समाज की छवि धूमिल करते हैं। उन्होंने अपील की कि मौलाना साजिद रशीद अपने बयान को तुरंत वापस लें, ताकि समाज में सौहार्द और सम्मान की भावना बनी रहे।
