बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सुबह और रात में ठंडक, जबकि दिन में तेज धूप के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस बदलाव के चलते लोग सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस की समस्या, गले में संक्रमण, कान बहने और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।
मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। एक सप्ताह पहले तक मरीजों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अब रजिस्ट्रेशन काउंटर और ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है। सोमवार को मेडिसिन ओपीडी और पैथोलॉजी जांच केंद्र पर लंबी लाइनें लगी रहीं। पहले जहां 700-800 मरीज आते थे, अब यह संख्या 1100-1200 तक पहुंच गई है।
ईएनटी सर्जन डॉ. सौरभ आनंद ने बताया कि थ्रोट इंफेक्शन के रोजाना 50-60 मरीज आ रहे हैं। मरीजों को गले में दर्द, खांसी, खाना निगलने में परेशानी और कान दर्द की शिकायत हो रही है। कई मरीजों में कान बहने और भारीपन की समस्या भी देखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि खान-पान और पहनावे में सावधानी बरतने से बीमारियों से बचा जा सकता है। गर्म कपड़े पहनें, गुनगुना पानी पीएं और ठंडी चीजों से बचें। जरा सी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी कर सकती है।
