मूकबधिर जोड़े ने कायम किया प्यार- न्यूज़ीलैड से जुड़ गया भरथना के इशारों वाला प्यार

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भरथना- सोशल मीडिया पर लगभग एक साल पहले मूकबधिर प्रियंका उर्फ निक्की की दोस्ती मूकबधिर सोहित से हुई। प्रियंका-सोहित दोनों ही मूकबधिर है। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और फिर दोनों ने अपने प्यार को शादी में बदलने का फैसला ले लिया।

कहते हैं कि इश्क की कोई जुबान नहीं होती। भरथना में एक ऐसी ही प्रेम कहानी सामने आई है, क्षेत्र के ग्राम रमायन की एक ऐसी प्रेम कहानी जिसमें जुबान तो नहीं पर एहसास खूब हैं। यह कहानी है एक मूकबधिर जोड़े की। इनकी मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई और इशारों में बात हुई, तो कुछ ही समय में प्यार का इजहार हो गया और फिर दोनों ने प्यार को मुकम्मल अंजाम तक पहुंचा दिया।

ग्राम रमायन की रहने वाली प्रियंका जन्म से ही मूकबधिर है। सोशल मीडिया पर लगभग एक साल पहले प्रियंका उर्फ निक्की की कालेज में पढ़ाई के दौरान सोहित से दोस्ती हुई। सोहित भी प्रियंका की तरह मूकबधिर है। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और फिर दोनों ने इसे शादी में बदलने का फैसला ले लिया। दोनों एक-दूसरे से सोशल मीडिया पर चेटिंग और वीडियो कॉलिंग के जरिए साइन लैंग्वेज (इशारों वाली भाषा) में बात करते थे। जब परिवारों के सामने खबर पहुंची, तो परिजनों से भी दोनों को शादी की रजामंदी मिल गई। सोहित न्यूजीलैंड से हरियाणा के शहर फरीदाबाद अपने पैतृक घर पहुंचा और निर्धारित शादी की तारीख को परिवार के साथ पूरे हर्षाैल्लास और धूमधाम- गाजेबाजे के साथ बारात लेकर बीती मंगलवार की शाम प्रियंका के घर भरथना के ग्राम रमायन पहुंच गया। उधर प्रियंका के परिजन सैकड़ों रिश्तेदार के साथ इस अद्भुत शादी को यादगार बनाने में पहले से जुट हुए थे। जिसको लेकर प्रियंका के परिजन और रिश्तेदारों ने भव्य तैयारिया कर रखीं थी।

बारात के पहुंचते ही परिजनों रिश्तेदारों ने बड़े ही उत्साह से दूल्हा के साथ पहुंचे आधा सैकड़ा से अधिक महिला-पुरुष बारातियों जोरदार स्वागत सत्कार किया और पूरी रात्रि शादी की खुशियों के साथ दोनों प्रेमी-प्रेमिका ने हिन्दू रीतिरिवाज के साथ वरमाला पहनाई, फिर जीवन के नए दायित्वों का निर्वाहन करने के लिए सात फेरे लेकर जीवन भर एक-दूसरे के साथ रहने सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लिया और बुधवार की भोर होते ही दुल्हन बनी प्रियंका अपने प्रेमी दूल्हा और बारातियों के साथ विदा होकर हरियाणा के फरीदाबाद चली गई।

प्रियंका उर्फ निक्की के पिता मनोज राजौरे ने बताया कि उनकी बेटी जन्म से ही बोलने और सुनने में असमर्थ थी। प्रियंका के भविष्य को लेकर पूरा परिवार हमेशा चिंतित रहता था। लेकिन प्रियंका ने उच्च शिक्षा ग्रहण कर परिवार के हौसले बुलन्द कर दिए। यह सिर्फ संयोग रहा कि प्रियंका विवाह के पवित्र बंधन में बंध गई। प्रियंका और सोहित दोनो ही शिक्षित हैं। सोहित का न्यूजीलैंड में खुद का व्यापार है। जबकि प्रियंका भरथना के रमायन में रहने वाली है और उसने अपनी शिक्षा बाहर रहकर मूकबधिर कॉलेज में पूरी की है। विवाह को लेकर दोनों ही परिवारों में खुशी का माहौल है।

साइन लैंग्वेज मूकबधिरों की अपनी भाषा है। साइन लैंग्वेज के जरिए सांकेतिक भाषा के रूप में संदेशों को व्यक्त किया जाता है। इसमें विजुअल एक्शन का उपयोग होता है। साइन लैंग्वेज हाथों के इशारों तक ही सीमित नहीं है। चेहरे के भाव और शरीर की गति और इशारे भी इनमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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