अन्नदाता किसान यूनियन के अध्यक्ष राम विजय यादव ने आज इटावा में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। यूनियन ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए लोक-लुभावन वादों को पूरा करने के बजाय सरकार अपने चहेते पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है।
ज्ञापन में कहा गया कि सरकार ने महंगाई कम करने, किसानों की आय लागत से दोगुनी करने, किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ करने, बिजली बिल माफ कर 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने जैसे कई वादे किए थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने ही वादों से मुकर गई और इसके विपरीत नीतियां लागू कर दीं। किसान यूनियन ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सरकारी संपत्तियों का निजीकरण कर आम जनता की मेहनत की कमाई को उद्योगपतियों को सौंप रही है। साथ ही, घाटे की भरपाई के लिए आम जनता पर शुल्क वृद्धि का बोझ डाला जा रहा है, जिससे गरीब और अमीर के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है।

किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुमुख सिंह विरक ने घोषणा की कि इन्हीं समस्याओं को लेकर दिनांक 22, 23 और 24 फरवरी 2025 को दलपतपुर, मुरादाबाद में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों – इटावा, मैनपुरी, जालौन, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, कौशांबी सहित संपूर्ण प्रदेश से किसान यूनियन के पदाधिकारी, किसान प्रतिनिधिमंडल और महिलाएं शामिल होंगी।

महापंचायत में शामिल होने के लिए किसान 21 और 22 फरवरी को भारतीय रेल के माध्यम से यात्रा करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। यदि सामान्य डिब्बों में जगह न मिली तो किसान अनुशासनपूर्वक आरक्षित डिब्बों में खाली पड़ी सीटों पर यात्रा करेंगे। आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद किसान वापस लौटेंगे।
प्रदर्शन के दौरान अन्नदाता किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेन्द्र कुमार यादव, प्रदेश प्रमुख सचिव मुनीम यादव, सत्यराम, वेदराम, सुरेश सिंह, अशोक कुमार, ब्रजेन्द्र कुमार, राजाराम, सुखवीर, सुखराम सिंह, विश्राम सिंह और विजयराम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
