जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद ने मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार देने में रुचि न दिखाने पर ताखा और सैफई ब्लॉक के बीडीओ को कड़ी चेतावनी दी है। साथ ही, उन्होंने सुधार न लाने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। डीडीओ ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर शीघ्र ही मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार देने का आदेश दिया है।
डीडीओ राकेश प्रसाद ने पत्र में उल्लेख किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के आठों ब्लॉक में कुल 1,31,135 जॉब कार्डधारक परिवारों ने रोजगार प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराया था। इन सभी परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने का लक्ष्य था, लेकिन डेढ़ माह बीतने के बावजूद, जिले भर में केवल 2,752 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार मिला था।
इसमें ताखा और सैफई ब्लॉक सबसे पीछे थे। यहां क्रमशः 75 और 80 श्रमिकों को ही 100 दिन का रोजगार प्राप्त हुआ था, जो डीडीओ के लिए चिंता का विषय था। डीडीओ ने इस पर नाराजगी व्यक्त की और ताखा व सैफई के बीडीओ को पत्र लिखकर जल्द से जल्द सुधार लाने की चेतावनी दी है।
डीडीओ ने अपने पत्र में यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी बीडीओ 30 दिन या इससे अधिक काम करने वाले श्रमिकों को शीघ्र ही 100 दिन का रोजगार प्रदान करें, ताकि रोजगार देने की संख्या बढ़ सके और मनरेगा योजना का पूरा लाभ श्रमिकों को मिल सके।
