किसानों के लिए आलू का भंडारण अब पहले से कहीं अधिक महंगा होने वाला है। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ने कोल्ड स्टोरों के रखरखाव की बढ़ती लागत को देखते हुए भंडारण शुल्क में लगभग आठ प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह फैसला 30 जनवरी को हुई एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। इसके चलते किसानों को इस बार आलू रखने के लिए पिछले साल की तुलना में करीब 29 करोड़ रुपये अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं।
जिले में कुल 55 कोल्ड स्टोर हैं, जहां पिछले साल 52 लाख क्विंटल आलू का भंडारण किया गया था। एसोसिएशन के अनुसार, इस बार प्रति बोरा भंडारण शुल्क में 20 से 30 रुपये तक की वृद्धि होगी। किसान और व्यापारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस बढ़े हुए खर्च का सीधा असर बाजार में आलू की कीमतों पर पड़ेगा।
इस बीच, नई फसल का आलू बाजार में आना शुरू हो गया है। शेष आलू की खुदाई 15 फरवरी तक शुरू हो जाएगी। किसानों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज की बढ़ती लागत उनकी मुश्किलें बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे उनकी लागत में इजाफा होगा और मुनाफा कम होगा। व्यापारियों का मानना है कि इसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और बाजार में आलू की कीमतें बढ़ सकती हैं।
