इटावा। जिले को मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली चंबल नदी के पुल पर स्वीकृत सिग्नेचर पुल का निर्माण कार्य 21 जनवरी से शुरू हो जाएगा। लगभग डेढ़ साल पहले इस पुल को स्वीकृति मिलने के बाद भी वन विभाग से एनओसी (अनुमति) न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। अब एनओसी मिलने के बाद संबंधित कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू करने की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
यह पुल 1975 में बना था और लंबे समय से जर्जर हो चुका है। हर साल पुल की मरम्मत कर उसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है, जिसके कारण यात्रियों को असुविधा होती है। पुल के बंद होने से जिलेवासियों का मध्यप्रदेश से सीधा संपर्क टूट जाता है, और उन्हें गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
चंबल पुल 50 साल पुराना है और पिछले 15 साल में यह 22 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस स्थिति को देखते हुए लंबे समय से नए पुल के निर्माण की मांग उठ रही थी। आखिरकार 2022 में इस पुल को पुनः बनाने की स्वीकृति मिली और चंबल पर 594 मीटर लंबे सिग्नेचर पुल के निर्माण के लिए अनुमति प्रदान की गई। इसके लिए 296 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है।
इस सिग्नेचर पुल के निर्माण से न केवल यातायात की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नया पुल बनने से लोगों को मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान जाने के लिए एक सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे समय और दूरी की बचत होगी।
निर्माण कार्य के शुरू होने के बाद अब स्थानीय लोग और यात्री इस परियोजना का इंतजार कर रहे हैं, जो उनके रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाएगा और क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
