इटावा। आमजन को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी एवं श्री राठौर सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद, इटावा में विशाल निःशुल्क बहुविशेषज्ञ स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में 300 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों ने मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुना, आवश्यक परामर्श दिया और जरूरतमंद मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ UPUMS सैफई की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी के प्रभारी डॉ. अजय कुमार, नगर पालिका परिषद इटावा की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति संधू गुप्ता तथा श्री राठौर सेवा संस्थान के श्री संतोष राठौर ने किया। इस अवसर पर सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श दिलाने के उद्देश्य से आयोजित शिविर की उपयोगिता पर जोर दिया गया। विभिन्न विभागों के चिकित्सकों की सहभागिता के चलते मरीजों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्राप्त हुआ। इससे लोगों को अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञों से सलाह लेने तथा आवश्यक जांच कराने का अवसर मिला।
शिविर में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों ने सामान्य बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए परामर्श दिया, जबकि सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने शल्य चिकित्सा से संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई। आर्थोपेडिक्स विभाग के चिकित्सकों ने हड्डियों, जोड़ों और चलने-फिरने से संबंधित परेशानियों के संबंध में मरीजों की जांच की। वहीं नेत्र रोग विभाग एवं ऑप्टोमेट्री टीम ने आंखों से संबंधित समस्याओं की जांच और आवश्यक परामर्श के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया। ईएनटी विभाग के विशेषज्ञों ने कान, नाक और गले से जुड़ी समस्याओं के संबंध में मरीजों को चिकित्सकीय सलाह दी।
इसके अतिरिक्त दंत रोग, बाल रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (PMR) तथा मानसिक रोग विभाग के चिकित्सकों ने भी शिविर में अपनी सेवाएं दीं। इन विभागों की सहभागिता से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिला। शिविर का उद्देश्य केवल रोगों की पहचान और उपचार संबंधी सलाह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच कराने तथा अपनी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य जांच की सुविधाओं को और व्यापक बनाने के लिए विश्वविद्यालय की ‘स्पेशलाइज्ड पैथोलॉजी ऑन व्हील्स’ पहल के अंतर्गत पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने भी सहभागिता की। शिविर में 50 से अधिक लोगों की निःशुल्क रक्त जांच किए जाने की जानकारी दी गई। आवश्यक जांचों और चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से लोगों को अपने स्वास्थ्य की स्थिति समझने में सहायता मिली। जांच के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। नर्सिंग अधिकारियों और एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के कर्मचारियों ने मरीजों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और शिविर की व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।
विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी के प्रभारी डॉ. अजय कुमार ने शिविर के दौरान स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आमजन को बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए उपचार के साथ-साथ बचाव के उपाय अपनाना भी बेहद आवश्यक है। घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखना, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करना, जलभराव को रोकना तथा मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाना कई बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने लोगों को अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतें अपनाने तथा परिवार के सदस्यों को भी इनके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञों से परामर्श लेने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण एवं शहरी समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाली ऐसी पहल आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि बीमारी होने के बाद उपचार कराने के साथ-साथ समय रहते सावधानियां अपनाना और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी जरूरी है।
शिविर में दंत स्वास्थ्य और मौखिक स्वच्छता को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पीरियडॉन्टोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ठाकुर ने लोगों को दांतों की नियमित सफाई, मसूड़ों की देखभाल और मुंह की स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दांतों और मसूड़ों का स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए दांतों की सफाई में लापरवाही नहीं करनी चाहिए और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। मसूड़ों से खून आना, सूजन, दर्द अथवा दांतों से संबंधित अन्य परेशानियों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।
डॉ. राजेश कुमार ठाकुर ने दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरक संदेश देते हुए कहा, **“मसूड़े स्वस्थ, दांतों में जान—हर अंग रहे स्वस्थ, यही है पहचान!”** उन्होंने लोगों को सही तरीके से ब्रश करने, नियमित रूप से मुंह की सफाई करने तथा मसूड़ों को स्वस्थ रखने वाली आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में दंत स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी साझा करने का उद्देश्य लोगों को मौखिक स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना और दांतों एवं मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं के प्रति समय रहते सावधान करना रहा।
इस स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में विश्वविद्यालय की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी के सदस्यों और विभिन्न विभागों के स्वास्थ्यकर्मियों ने समन्वित प्रयास किए। कमेटी के सदस्य डॉ. राजमंगल यादव, डेंटल सर्जन, डॉ. प्रवेश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. राजेश कुमार ठाकुर, श्री नवल किशोर शर्मा, असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट तथा श्री प्रमोद शर्मा, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता से शिविर में आने वाले लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर UPUMS सैफई की सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा। विश्वविद्यालय की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को चिकित्सा संस्थान तक सीमित रखने के बजाय समुदाय के बीच पहुंचाना और लोगों को समय पर जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस प्रकार के शिविर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होते हैं, जिन्हें अलग-अलग विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए विभिन्न चिकित्सा केंद्रों तक जाना पड़ता है। एक ही स्थान पर कई विभागों के चिकित्सकों की उपलब्धता से लोगों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर सलाह प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
श्री राठौर सेवा संस्थान के सहयोग से आयोजित इस शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और जरूरतमंद मरीजों को दवाओं के वितरण के माध्यम से जनसेवा का प्रयास किया गया। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, स्वच्छता की आदतों और बीमारियों की रोकथाम के उपायों को आमजन तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। विश्वविद्यालय की ओर से भविष्य में भी समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए चिकित्सा संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निकायों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। UPUMS सैफई की विलेज हेल्थ आउटरीच कमेटी और श्री राठौर सेवा संस्थान की संयुक्त पहल से इटावा में आयोजित इस निःशुल्क बहुविशेषज्ञ स्वास्थ्य जांच शिविर में 300 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ मिला। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं, आवश्यक जांचों, दवाओं के वितरण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के माध्यम से शिविर ने जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
