इटावा, 17 अक्टूबर। जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को तहसील जसवंतनगर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनी गईं। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जसवंतनगर तहसील में विभिन्न मामलों से संबंधित कुल 34 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से छह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि समस्या के वास्तविक समाधान को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनें और उपलब्ध तथ्यों की जांच करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। इससे शिकायतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। जहां किसी प्रकरण में जिम्मेदार व्यक्तियों की लापरवाही या जवाबदेही सामने आए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखें तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें सभी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
समाधान दिवस में भूमि से संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े मामलों में अभिलेखों की जांच करने के साथ आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि विवादों का समाधान निष्पक्ष तरीके से हो सके। भूमि संबंधी प्रकरणों में अनावश्यक देरी से लोगों को परेशानी होती है, इसलिए ऐसे मामलों में विशेष गंभीरता बरतने और निर्धारित समयसीमा का पालन करने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों के निस्तारण में एक सप्ताह से अधिक समय लग चुका है, उनमें देरी के कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। सभी संबंधित अधिकारी लंबित मामलों की समीक्षा करें और उन्हें अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारित कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। केवल रिपोर्ट प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जमीनी स्थिति का सत्यापन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जब भी अधिकारी गांवों का भ्रमण करें, तो वहां संचालित योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करें और लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर उनका फीडबैक प्राप्त करें। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का पता चलेगा और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
संपूर्ण समाधान दिवस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर जाकर जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। पुलिस से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ता की बात ध्यानपूर्वक सुनने तथा तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों का निस्तारण प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
एसएसपी ने अधिकारियों को यह भी ध्यान रखने के निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित व्यक्तियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। ऐसे में शिकायत का निस्तारण इस प्रकार किया जाए कि समस्या का वास्तविक समाधान हो और शिकायतकर्ता कार्रवाई से संतुष्ट हो सके। उन्होंने थानाध्यक्षों से कहा कि पुलिस विभाग से संबंधित प्रकरणों में अनावश्यक देरी न होने दें और प्रत्येक मामले में नियमानुसार आवश्यक कदम उठाएं।
प्रशासन की ओर से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखने का अवसर प्रदान करना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। जसवंतनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों ने शिकायतों की सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए। कुल 34 प्राप्त प्रार्थना पत्रों में छह का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी जसवंतनगर, एसपी सिटी बबिता सिंह, पुलिस उपाधीक्षक आयुषी सिंह, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने, शिकायतों की गंभीरता से जांच करने तथा समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
