इटावा, 17 अक्टूबर। जनपद में विकास योजनाओं की प्रगति और सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों के निर्धारित इंडिकेटर्स पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें और जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनमें सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले माह सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग 72वीं थी, जो इस माह सुधरकर 54वीं हो गई है। उन्होंने इसे प्रगति का संकेत बताते हुए कहा कि जनपद को और बेहतर स्थान पर पहुंचाने के लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और रुचि के साथ काम करना होगा। प्रत्येक विभाग के एक-दो प्रमुख इंडिकेटर्स ऐसे होते हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इसलिए अधिकारी अपने विभागीय इंडिकेटर्स की नियमित समीक्षा स्वयं करें और कमियों को चिह्नित कर समयबद्ध तरीके से दूर करें। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रदर्शन का प्रभाव शासन स्तर पर भी दिखाई देता है, इसलिए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति और रैंकिंग की समीक्षा के दौरान कई विभागों का प्रदर्शन सामने रखा गया। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जनपद को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं और 75 जनपदों की रैंकिंग में इटावा 14वें स्थान पर है। खराब ट्रांसफॉर्मर संबंधी शिकायतों के निस्तारण में जिले को 10 में से 10 अंक मिले हैं और रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक विद्युत आपूर्ति के मामले में भी 10 में से 10 अंक मिले, लेकिन रैंकिंग 72वीं रही। विद्युत बिलों में सुधार के मामले में 10 में से 10 अंक के साथ जनपद 30वें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल अंक ही नहीं, बल्कि रैंकिंग और वास्तविक प्रगति पर भी ध्यान दिया जाए।
कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं की समीक्षा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जनपद को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं और रैंकिंग 35वीं है। पीएम कुसुम योजना में भी जिले को 10 में से 10 अंक मिले हैं तथा इटावा 75 जनपदों की रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन हो रहा है, उसमें निरंतरता बनाए रखी जाए और जिनमें रैंकिंग अपेक्षाकृत कमजोर है, वहां सुधार के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को लाभ उपलब्ध कराने के मामले में जनपद को 10 में से चार अंक प्राप्त होने और रैंकिंग 65वीं होने की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित योजना के क्रियान्वयन में आ रही कमियों को दूर करते हुए पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में अपेक्षित प्रगति हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारी नियमित समीक्षा करें और कमजोर बिंदुओं पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।
सहकारी दुग्ध समितियों के मामले में जनपद को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं और रैंकिंग 72 जनपदों में 13वीं बताई गई। निराश्रित गोवंश के संरक्षण में भी 10 में से 10 अंक मिले हैं और जिले की रैंकिंग 27वीं रही। वहीं, बाल विकास एवं पुष्टाहार से संबंधित आईसीडीएस के अंतर्गत जनपद को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए, लेकिन रैंकिंग 60वीं रही। जिलाधिकारी ने इन योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर निरंतर नजर रखें तथा उपलब्धियों को बनाए रखते हुए रैंकिंग में सुधार के लिए भी प्रयास करें।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में इटावा को 10 में से 10 अंक प्राप्त हुए हैं और जनपद की रैंकिंग प्रथम रही। इसके विपरीत फैमिली आईडी योजना में जिले को 10 में से चार अंक मिले हैं और रैंकिंग 57वीं है। जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी योजना की प्रगति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की फैमिली आईडी बनवाने के निर्देश दिए और जिला पंचायत राज अधिकारी को इस कार्य में पंचायत सहायकों को सक्रिय रूप से लगाने को कहा। उनका निर्देश था कि पात्र परिवारों की फैमिली आईडी बनाने का कार्य तेजी से पूरा किया जाए और योजना की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए।
नई सड़कों के निर्माण के मामले में जनपद को 10 में से पांच अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में 10 में से 10 अंक मिलने के बावजूद जनपद की रैंकिंग 40वीं रही। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़े विभागीय कार्यों की स्थिति समझने और कमियों की पहचान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग से जुड़े आंकड़ों का नियमित अवलोकन करे और किसी भी कमी को नजरअंदाज न करे।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उन योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिनका कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने सहित अन्य कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी योजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उससे प्रभावित सार्वजनिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करना आवश्यक है, ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी न हो। संबंधित अधिकारी पूर्ण हो चुकी योजनाओं के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सड़क मरम्मत की स्थिति सुनिश्चित करें।
बरसात के बाद सड़कों पर हुए गड्ढों और क्षतिग्रस्त मार्गों की समस्या को लेकर भी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर बारिश के कारण गड्ढे हो गए हैं या सड़कें खराब हो गई हैं, उनकी प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए। संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति का निरीक्षण करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। सड़क मरम्मत के कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि लोगों को आवागमन के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने बैठक के अंत में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों के कार्यों की नियमित समीक्षा करते रहें। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए और सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित कमजोर इंडिकेटर्स में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने विभागों के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरे करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद की रैंकिंग में आगे सुधार के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द्र, उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला पर्यटन अधिकारी मोहित सिंह, जिला परियोजना अधिकारी यूपीनेडा प्रिया शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
