लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष की भूमिका को लेकर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए गए। प्रेस वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए विपक्ष पर युवाओं को गुमराह करने, उन्हें भड़काने और देश में बांग्लादेश जैसी अराजकता पैदा करने की रणनीति से जुड़ी बातें करने का आरोप लगाया। इस दौरान राजनीतिक विरोध के नाम पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास को बाधित करने की कथित कोशिशों पर सवाल उठाए गए।

प्रेस वार्ता में विपक्ष की कथित रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा गया कि “दिमागी नक्सल ही बना सकते हैं बांग्लादेश जैसी अराजकता की रणनीति।” भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि विपक्ष के कुछ नेता भोले-भाले युवाओं को गुमराह कर उन्हें भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। वक्ता ने दावा किया कि देश में बांग्लादेश जैसी अराजक स्थिति पैदा करने और ‘रेजीम चेंज’ जैसी बातें करना राष्ट्रहित के विरुद्ध है। इन बयानों के माध्यम से भाजपा ने विपक्ष की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के समक्ष विपक्ष पर देशविरोधी षड्यंत्र करने के आरोप भी लगाए गए। भाजपा की ओर से कहा गया कि राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन युवाओं को भड़काकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। वक्ता ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया को बाधित करने के कथित प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा नेता ने राष्ट्रहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान की मर्यादा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों के साथ खिलवाड़ करने वालों को देश की जनता जवाब देगी। प्रेस वार्ता में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि देश की स्थिरता, लोकतांत्रिक संस्थाओं और विकास की निरंतरता को बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। भाजपा की ओर से विपक्ष पर लगाए गए आरोपों को इसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया।
लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई इस प्रेस वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाया। पत्रकारों के सामने रखे गए वक्तव्य में विपक्ष की कथित गतिविधियों, युवाओं को प्रभावित करने के प्रयासों और देश में अस्थिरता पैदा करने संबंधी बयानों को लेकर चिंता जताई गई। भाजपा ने इन आरोपों के आधार पर विपक्ष की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए।
इस पूरे घटनाक्रम में ‘रेजीम चेंज’ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि देश में बांग्लादेश जैसी अराजकता पैदा करने की बात करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। हालांकि, उपलब्ध वक्तव्य में विपक्ष के किन नेताओं ने इस संबंध में कथित बयान दिए, इसका विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया। इसलिए इन आरोपों को भाजपा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता के अंत में राष्ट्रहित, सुरक्षा और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। भाजपा की ओर से कहा गया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रगति में बाधा डालने की किसी भी कथित कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा तथा जनता ऐसे मुद्दों पर अपना निर्णय देगी। इस बयान के साथ पार्टी ने विपक्ष की राजनीति पर हमला बोलते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक व्यवस्था को प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रखा।
