वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में अविनाशी काशी अपनी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नए कलेवर और नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। काशी की प्राचीन पहचान को बनाए रखने के साथ-साथ उसे स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने जनपद वाराणसी में प्रधानमंत्री के स्वच्छ काशी के विजन को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि डबल इंजन की सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए सदैव तत्पर रहेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि एवं विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में काशी के बदलते स्वरूप और उसकी ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी अपनी विशिष्ट पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रही है। काशी सदियों से भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। यहां के मंदिर, घाट और प्राचीन परंपराएं देश-विदेश के लोगों को आकर्षित करती हैं। इस विरासत को संरक्षित रखने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी इस दिशा में अहम योगदान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ काशी के विजन को साकार करने में स्वच्छता मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सफाईकर्मियों का नियमित परिश्रम और समर्पण आवश्यक है। सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने से लेकर नगर की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तक उनके कार्यों का व्यापक महत्व है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता मित्रों को सम्मानित करना उनके योगदान को पहचान देने और उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर रहा।
काशी जैसे प्रमुख धार्मिक नगर में स्वच्छता का विशेष महत्व है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए व्यवस्थित प्रयासों की जरूरत होती है। स्वच्छता मित्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए इस व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करते हैं। उनके कार्यों से शहर के वातावरण को स्वच्छ रखने और नागरिकों तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवेश उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता मित्रों को सम्मानित कर स्वच्छ काशी के निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता मित्रों के हितों का संरक्षण सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार स्वच्छता मित्रों के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगी। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में लगे कर्मचारियों का सम्मान करना और उनके हितों के प्रति संवेदनशील रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री का यह संदेश स्वच्छता मित्रों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को महत्व देने की सरकार की भावना को दर्शाता है। हालांकि, साझा की गई जानकारी में सम्मानित किए गए स्वच्छता मित्रों की संख्या, उनके नाम अथवा सम्मान समारोह के दौरान दी गई किसी विशेष सुविधा का विवरण नहीं दिया गया है।
वाराणसी की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी है। यहां की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं को विकसित करना लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। स्वच्छता इस दिशा का एक प्रमुख हिस्सा है। स्वच्छ शहर से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलता है। इसी दृष्टि से स्वच्छता मित्रों का योगदान शहर की व्यवस्थाओं के लिए अहम माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में काशी की प्राचीन पहचान और विकास की नई दिशा के बीच समन्वय पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने के प्रयासों के साथ उसकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। स्वच्छता मित्रों का सम्मान इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा रहा, जिसमें शहर की स्वच्छता व्यवस्था में योगदान देने वाले लोगों को महत्व दिया गया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों के प्रति अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना की जाती है, जबकि विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इन पर्वों के दौरान प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन, पूजा-अर्चना और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश स्वच्छ काशी के संकल्प, शहर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और स्वच्छता मित्रों के योगदान को सम्मान देने पर केंद्रित रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी के आगे बढ़ने की बात कही और स्वच्छता मित्रों के हितों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि एवं विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देकर पर्वों के इस अवसर पर अपना संदेश साझा किया।
