उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के पीरियोडॉन्टोलॉजी विभाग की ओर से विकासखंड सैफई के कंपोजिट विद्यालय उझियानी में बच्चों के लिए दंत जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बच्चों को दांतों की नियमित सफाई, सही तरीके से ब्रश करने और मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान लगभग 100 बच्चों को टूथब्रश और टूथपेस्ट वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही दांतों की देखभाल की आदत विकसित करना और उन्हें दंत रोगों से बचाव के प्रति जागरूक बनाना रहा।

शिविर के दौरान विश्वविद्यालय के पीरियोडॉन्टोलॉजी विभाग से डॉ. राज मंगल यादव ने बच्चों को दांतों की उचित देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से उनकी सफाई करना आवश्यक है। बच्चों को दिन में दो बार ब्रश करने की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें समझाया गया कि दांतों की सफाई में लापरवाही करने से दांतों में सड़न, मसूड़ों की समस्याएं और मुंह से दुर्गंध जैसी परेशानियां हो सकती हैं। बचपन से ही दंत स्वच्छता के नियमों का पालन करने से भविष्य में होने वाली कई समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. त्रिशा घोष ने बच्चों के दांतों का परीक्षण किया और उनकी मौखिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के अनुसार आवश्यक सुझाव दिए। दांतों की जांच के माध्यम से बच्चों को अपने दांतों और मसूड़ों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। बच्चों को बताया गया कि दांतों में दर्द, मसूड़ों से खून आने या अन्य परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि समय पर दंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। नियमित जांच और सही देखभाल से दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
शिविर के दौरान लगभग 100 बच्चों को टूथब्रश एवं टूथपेस्ट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को दांतों की सफाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उन्हें नियमित ब्रश करने के लिए प्रोत्साहित करना था। विशेषज्ञों ने बच्चों को दंत स्वच्छता की आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। बच्चों को यह भी संदेश दिया गया कि केवल दांतों में परेशानी होने पर ही उनकी देखभाल नहीं करनी चाहिए, बल्कि नियमित सफाई और स्वस्थ आदतों के माध्यम से समस्याओं से बचाव करना चाहिए।
दंत जागरूकता शिविर के साथ बच्चों ने जागरूकता रैली भी निकाली। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को मौखिक स्वास्थ्य और दांतों की नियमित सफाई के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों ने दंत स्वच्छता का संदेश देते हुए लोगों को दिन में दो बार ब्रश करने और अपने दांतों की उचित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। इस गतिविधि के जरिए विद्यालय के बच्चों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़ने के साथ ग्रामीण समुदाय तक भी स्वच्छता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय जनस्वास्थ्य और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की ओर से इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। विद्यालय में आयोजित यह शिविर भी इसी दिशा में एक पहल रहा, जिसमें बच्चों को दंत स्वास्थ्य की जानकारी देने के साथ उन्हें व्यावहारिक रूप से स्वच्छता की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
दांतों की नियमित सफाई और मौखिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता बचपन से ही विकसित करना आवश्यक है। विद्यालयों में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर बच्चों को सही जानकारी देने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उझियानी में आयोजित शिविर के माध्यम से बच्चों और ग्रामीणों तक यही संदेश पहुंचाया गया कि दांतों की देखभाल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर अनेक समस्याओं से बचा जा सकता है।
