सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के यूरोलॉजी विभाग की ओर से कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अंगदान के महत्व से अवगत कराया गया। जागरूकता सत्र, अंगदान की शपथ और रैली के जरिए लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा— अंगदान करें, जीवन बचाएं।

अंगदान को मानवता की सेवा और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए प्रत्यारोपण जीवन बचाने की उम्मीद बन सकता है। इसके बावजूद समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी और कई तरह की भ्रांतियां लोगों को इस दिशा में निर्णय लेने से रोकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के यूरोलॉजी विभाग ने सेवा संकल्प अभियान के तहत लोगों तक अंगदान का संदेश पहुंचाने की पहल की।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित जागरूकता सत्र में अंगदान के महत्व को जनसामान्य तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और इससे जुड़ी सही जानकारी का प्रसार करना आवश्यक है। अंगदान के विषय में जागरूकता बढ़ने से जरूरतमंद मरीजों के लिए नई उम्मीद पैदा हो सकती है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने के साथ लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी प्रेरित करते हैं।
जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत अंगदान की शपथ भी दिलाई गई। इसके माध्यम से लोगों को अंगदान के महत्व को समझने और इस विषय पर समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। अंगदान का निर्णय किसी जरूरतमंद व्यक्ति और उसके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इसलिए इस विषय पर खुलकर चर्चा करना, सही जानकारी साझा करना और लोगों की शंकाओं का समाधान करना बेहद महत्वपूर्ण है।
अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि एक व्यक्ति का निर्णय किसी दूसरे व्यक्ति के लिए जीवन की नई संभावना बन सकता है। अंगदान के संबंध में निर्णय लेते समय चिकित्सकीय जानकारी और निर्धारित नियमों को समझना भी जरूरी है। जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों को इस मानवीय कार्य के प्रति संवेदनशील बनाना और समाज में अंगदान को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से अंगदान के महत्व का संदेश लोगों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इस विषय पर जागरूक करने का प्रयास किया गया। सार्वजनिक स्तर पर ऐसे आयोजनों से सामाजिक विषयों पर चर्चा को बढ़ावा मिलता है और लोगों को दूसरों की जिंदगी बचाने में अपनी भूमिका समझने का अवसर मिलता है।
विश्वविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य केवल कार्यक्रम तक जागरूकता सीमित रखना नहीं, बल्कि अंगदान के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए लोगों को प्रेरित करना भी रहा। जागरूकता सत्र, शपथ और रैली जैसे माध्यमों से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया गया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जनजागरूकता से जुड़े प्रयासों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों की जानकारी देने पर जोर दिया जाता है। अंगदान जागरूकता कार्यक्रम भी इसी उद्देश्य से जुड़ा रहा, जिसमें समाज को जीवन बचाने के इस मानवीय कार्य के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में यूरोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मूल भाव यही रहा कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की नई उम्मीद पैदा की जा सकती है।
विश्वविद्यालय की ओर से दिया गया “आपका एक निर्णय, किसी को दे सकता है नया जीवन” का संदेश अंगदान की महत्ता को रेखांकित करता है। समाज में इस विषय पर जागरूकता बढ़ने से अंगदान को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिल सकती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह पहल लोगों को मानवता, सहयोग और जीवन बचाने के संकल्प से जोड़ने का प्रयास रही।
