सैफई/इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने प्रशासनिक दायित्वों के बीच चिकित्सकीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नन्हे मरीजों के माता-पिता से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली। कुलपति ने मरीजों के परिजनों से बातचीत कर उनके उपचार की स्थिति जानी और चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

यूपीयूएमएस में कुलपति के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ ही डॉ. अजय सिंह का चिकित्सकीय पक्ष भी निरंतर सक्रिय नजर आया। अस्पताल में उपचार करा रहे नन्हे मरीजों के माता-पिता से उन्होंने सीधे संवाद किया और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों की चिंताओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने उपचार की प्रगति और चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने मरीजों के परिजनों को भरोसा दिलाया कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संस्थान लगातार प्रयासरत है। उन्होंने चिकित्सकीय सेवाओं में संवेदनशीलता और मरीजों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। नन्हे मरीजों के माता-पिता से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
यूपीयूएमएस सैफई में बड़ी संख्या में गंभीर एवं जटिल रोगों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन की भूमिका केवल व्यवस्थाओं के संचालन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवाद भी चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कुलपति द्वारा स्वयं परिजनों से बातचीत किए जाने से मरीजों के परिवारों को भी संस्थान के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होने का संदेश मिला।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह का यह संवाद इस बात को रेखांकित करता है कि चिकित्सा संस्थान की प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ मरीजों की समस्याओं और उनकी भावनाओं को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने नन्हे मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों से विस्तार से जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि मरीज-केंद्रित चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चिकित्सकीय सेवाओं के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व दिया जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों के साथ बेहतर संवाद से उपचार के प्रति विश्वास बढ़ता है और चिकित्सा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद कुलपति द्वारा नन्हे मरीजों के माता-पिता के बीच पहुंचकर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी लेना यूपीयूएमएस की मरीज-केंद्रित कार्यसंस्कृति का संदेश देता है। चिकित्सा सेवा में तकनीकी दक्षता के साथ संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता को भी यह पहल सामने लाती है।
