इटावा। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, इटावा के तत्वावधान में रविवार को नारायणा कॉलेज के प्रेक्षागृह में पर्यटन गोष्ठी एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “पर्यटन को नया रूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को जोड़ना” पर केंद्रित गोष्ठी में पर्यटन क्षेत्र में तकनीक और नवाचार की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ नारायणा कॉलेज की डायरेक्टर श्रीमती श्वेता तिवारी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को भी गति मिलेगी।
गोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों और वक्ताओं ने पर्यटन उद्योग में डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्मार्ट तकनीकों तथा एआई के बढ़ते उपयोग पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटन स्थलों की जानकारी, ऑनलाइन बुकिंग, वर्चुअल टूर और पर्यटकों की सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, नवोदित प्रतिभाओं तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। गीत, संगीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और स्थानीय कला की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कलाकारों और विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को पर्यटन एवं सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थान के प्रतिनिधि, कलाकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में पर्यटन अधिकारी मोहित मनोहर सिंह ने सभी अतिथियों, कलाकारों, विद्यार्थियों, महाविद्यालय परिवार एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस जैसे आयोजन पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
