ऊसराहार। विकास के तमाम दावों के बीच भगवंतपुर पूर्वी गांव की बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर वर्षों से खरंजा उखड़ा पड़ा है और अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। वहीं नालियों की लंबे समय से सफाई न होने और उचित जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया है।
मुख्य मार्ग की स्थिति ऐसी हो गई है कि कच्चा और ऊबड़-खाबड़ रास्ता गंदे पानी से लबालब भरा हुआ है। जलनिकासी नहीं होने के कारण सड़क पर जगह-जगह पानी जमा है और पूरा मार्ग पोखर जैसा दिखाई दे रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। छोटे-छोटे बच्चे बैग लेकर इसी गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। जलभराव और गंदगी के कारण ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीण योगेश कुमार, मुकेश कुमार, दिनेश चंद्र, मोहनलाल, महेंद्र सिंह, जगत सिंह, उमेश चंद्र, आदेश कुमार और बलराम सिंह आदि ने बताया कि कई वर्षों से नालियों की नियमित सफाई नहीं हुई है। सड़क पर न तो ठीक से खरंजा है और न ही डामर की सड़क बनी है। बारिश होते ही पूरा रास्ता कीचड़ और गंदे पानी से भर जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद सड़क और नाली की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई है। जलभराव के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कराने, नालियों की सफाई कराने तथा पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि गांव के लोगों और स्कूली बच्चों को रोजाना की इस समस्या से निजात मिल सके।
