इटावा। ऊसराहार स्थित कालिका माता मंदिर पर कालिका माता सुंदरकांड सेवा समिति द्वारा आयोजित संगीतमय सुंदरकांड पाठ के 501 सत्र पूर्ण होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ, सामूहिक रूप से 108 हनुमान चालीसा पाठ तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बताया गया कि बीते लगभग 10 वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को कालिका माता मंदिर परिसर में नियमित रूप से संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धा और भक्ति के इस क्रम ने अब 501वें सत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। इसी उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान समिति के वरिष्ठ सदस्य जितेंद्र तिवारी ने सुंदरकांड की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस भगवान शिव की रचना है और शिव स्वयं हनुमान स्वरूप में अवतरित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कलियुग में हनुमानजी जागृत देवता हैं और उनकी आराधना के लिए सुंदरकांड पाठ सर्वोत्तम साधन माना गया है। उन्होंने बताया कि सुंदरकांड में भगवान श्रीराम एवं माता सीता द्वारा हनुमानजी को पुत्र स्वरूप स्वीकार किया गया है, जिससे इसकी महिमा और अधिक बढ़ जाती है।
समिति के सदस्य राजकिशोर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कालिका माता मंदिर पर शुरू हुए सुंदरकांड पाठ से प्रेरणा लेकर आसपास के कई गांवों में भी सामूहिक सुंदरकांड पाठ की परंपरा प्रारंभ हुई। इनमें पुरैला के राम-जानकी मंदिर, समथर कलारा के दुर्गा माता मंदिर, उमरैन के गमा देवी मंदिर तथा अहिवरनपुर के हनुमान मंदिर में नियमित सुंदरकांड पाठ आयोजित किए जा रहे हैं, जो कई वर्षों से निरंतर चल रहे हैं।
कार्यक्रम में अनिल तिवारी, प्रशांत तिवारी, हरीशंकर, सतीश चन्द्र गुप्ता, लाखन सिंह यादव, आनंद मिश्रा, बबलू वर्मा, अवनीश मिश्रा, श्याम किशोर, राजीव गुप्ता, उमेश चन्द्र, विनोद भदौरिया, संग्राम सिंह, आदेश गुप्ता, बीपी यादव, शशांक मिश्रा, नरेंद्र गुप्ता, दीपक नंदन, संजू बाबू शाक्य, रविंद गुप्ता, अनिल कौशल, रवि एवं पवन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
