नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी ने आज ‘इंडिया एंड द वर्ल्ड’ विषय पर आयोजित टीवी9 समिट को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में दुनिया अभूतपूर्व और गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही है। उन्होंने विचारों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच तैयार करने पर टीवी9 नेटवर्क की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संघर्षों से घिरी दुनिया के बीच भारत तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है और 2014 से पहले की परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद भी 140 करोड़ देशवासी एकजुट रहे, जिससे भारत हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सका। उन्होंने कहा, “28 फरवरी के बाद इन 23 दिनों में भारत ने अपनी संबंध निर्माण, निर्णय लेने और संकट प्रबंधन की क्षमता को साबित किया है।”
वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने गल्फ देशों से लेकर ग्लोबल वेस्ट और ग्लोबल साउथ तक मजबूत संबंध स्थापित किए हैं और खुद को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम भारत के साथ हैं, भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं और संवाद के साथ हैं।”
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आई चुनौतियों के बीच भारत द्वारा अपनाए गए विविधीकरण और लचीलेपन के मॉडल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा, उर्वरक और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं, ताकि नागरिकों को न्यूनतम कठिनाई का सामना करना पड़े।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही युद्ध भारत की सीमाओं से दूर हो, लेकिन आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में इसका प्रभाव हर देश पर पड़ता है। उन्होंने कहा, “यह संयम और संवेदनशीलता का समय है। जब देशवासी एकजुट होकर किसी संकट का सामना करते हैं, तो परिणाम हमेशा सार्थक होते हैं।”
प्रधानमंत्री ने देश की विकास गति को रेखांकित करते हुए हाल के दिनों में हुए कई महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। इनमें दिल्ली मेट्रो के प्रमुख कॉरिडोर का लोकार्पण, सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर और कोटा में नए हवाई अड्डे का शिलान्यास, मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा, 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों को स्वीकृति, 1500 मेगावाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी, जल जीवन मिशन का 2028 तक विस्तार, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण तथा एमएसएमई और निर्यातकों के लिए 500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन का सिद्धांत ‘जिसका आकलन किया जाता है, उसे प्रबंधित किया जाता है’ आज भारत के विकास मॉडल में स्पष्ट दिखाई देता है। राजमार्ग निर्माण की गति 11–12 किमी प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 30 किमी प्रतिदिन हो गई है, बंदरगाहों पर जहाजों का टर्नअराउंड समय 5–6 दिन से घटकर 2 दिन से कम हो गया है। इसके साथ ही स्टार्टअप की संख्या 2 लाख से अधिक, एमबीबीएस सीटें 1.25 लाख से अधिक, बैंक खातों की संख्या 80 करोड़ से ज्यादा और हवाई अड्डों की संख्या 160 से अधिक हो चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “आज भारत फास्ट ट्रैक पर है और हमारे संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं।”
