उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के मानसिक रोग विभाग से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरुण कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर चिकित्सा संकायाध्यक्ष को विभाग का कार्यभार सौंपा गया है।
इसके साथ ही संबंधित वार्ड में तैनात एक दर्जन से अधिक नर्सिंग और सहयोगी स्टाफ को भी हटाकर अन्य स्थानों पर तैनात कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रोफेसर सोमेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि मामला सामने आते ही तत्काल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रवक्ता के अनुसार, घटना के बाद संबंधित वार्ड के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रहे। कुलपति प्रोफेसर अजय सिंह के निर्देश पर पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और विधिक परामर्श के आधार पर जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को विभाग में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी, जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की बिंदुवार जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति को भी सक्रिय कर दिया गया है और उनसे अलग से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित महिला के उपचार और समुचित देखरेख के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर एसपी सिंह की अध्यक्षता में चिकित्सकीय टीम गठित की गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि मामले की सूचना जिला प्रशासन को भी दे दी गई है और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
