जनपद इटावा में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शिक्षकों के बहिष्कार के चलते बुरी तरह प्रभावित हो गया है। तीन शिक्षकों के निलंबन से नाराज माध्यमिक शिक्षक मूल्यांकन कार्य से अलग हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में तीन साथी शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। इससे बोर्ड परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया बाधित हो गई है और समय पर परिणाम घोषित होने पर भी असर पड़ सकता है।
आक्रोशित शिक्षक राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान शिक्षकों ने निलंबन वापस लेने की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनके साथियों के साथ न्याय नहीं होगा, तब तक मूल्यांकन कार्य नहीं किया जाएगा।
वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने शिक्षकों के इस कदम को अनुचित बताया है। उनका कहना है कि मूल्यांकन कार्य से जुड़े इस प्रकार के बहिष्कार से छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए मूल्यांकन कार्य को सुचारू रूप से पूरा करें।
मूल्यांकन कार्य बाधित होने से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि परिणाम घोषित होने में देरी हो सकती है, जिससे आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रियाओं पर असर पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और शिक्षकों के बीच वार्ता से यह गतिरोध कब तक खत्म होता है और मूल्यांकन कार्य कब पुनः शुरू हो पाता है।
