इटावा। रमज़ान-उल-मुबारक के पाक महीने में इबादत, तिलावत और रहमतों की फिजा के बीच शहर में एक खास आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। नबी सल्ल. का फरमान है कि रमज़ान वह मौसम है, जहां तौबा के फूल खिलते हैं और गुनाह मुरझा जाते हैं।
रमज़ान के तीसरे और आखिरी अशरे में, छब्बीस रमज़ान के मौके पर रामगंज चौराहे स्थित ऊंची मस्जिद में तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरआन पाक मुकम्मल किया गया। इस मुकम्मल की विशेष घड़ी पर दानिश वारसी के बेटे हाफिज हुसैन वारिस वारसी को उलमाए इकराम, नमाज़ियों और शहर के बड़ी संख्या में मौजूद लोगों द्वारा गुलपोशी कर सम्मानित किया गया तथा गले मिलकर मुबारकबाद दी गई।
इस मौके पर मस्जिद पंजाबियान के पेश इमाम मौलाना जाहिद रज़ा ने सभी के हक में दुआ कराई, जिस पर मौजूद लोगों ने आमीन कहा। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भावुक रहा।
अंत में दानिश वारसी ने हाफिज वारिस की हौसला अफजाई करने पहुंचे सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।
