नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री Jitendra Singh ने कहा है कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और यह अब अधिकतर तकनीक आधारित होता जा रहा है। पारंपरिक आमने-सामने की लड़ाई धीरे-धीरे कम हो रही है और उन्नत प्रौद्योगिकियां रणनीतिक तैयारी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह नई दिल्ली में आयोजित Unstoppable Bharat 2026 के दौरान फायर चैट सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्र भारत की भविष्य की सुरक्षा संरचना और राष्ट्रीय विकास को नई दिशा देंगे।

मंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में हुए हालिया सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स के लिए इस क्षेत्र को खोलने से देश में नवाचार का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भारत में अंतरिक्ष स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ रहे हैं और उद्योग, अनुसंधान संस्थान तथा युवा नवप्रवर्तकों के सहयोग से आने वाले वर्षों में देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि भारत में वैज्ञानिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सरकार शुरुआती स्तर से ही नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। इसी उद्देश्य से स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दिशा में विज्ञानं ज्योति जैसे कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं को अनुसंधान और नवाचार के अवसरों से जोड़ने में मदद कर रहे हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 के माध्यम से छात्रों को विभिन्न विषयों के बीच लचीलापन दिया गया है, जिससे वे विज्ञान और तकनीक के उभरते क्षेत्रों में अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ सकें।
ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में परमाणु ऊर्जा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े डेटा केंद्रों जैसी नई तकनीकों को निरंतर और विश्वसनीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसे परमाणु ऊर्जा स्वच्छ और भरोसेमंद रूप में उपलब्ध करा सकती है।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी परमाणु विज्ञान के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि परमाणु चिकित्सा कैंसर और रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों के उपचार में नई संभावनाएं खोल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार, निजी उद्योग और वैज्ञानिक समुदाय के बीच सहयोग से रक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमताएं और मजबूत होंगी।
