अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण कार्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी मतदेय स्थलों पर नियुक्त बीएलओ (BLO) के कार्य में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए (BLA) सहयोग करेंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रह जाए। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है और वे अपना नाम किसी अन्य स्थान पर दर्ज कराना चाहते हैं, उन्हें फार्म-8 भरकर स्थानांतरण कराना होगा, न कि फार्म-6।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनकी सुनवाई 21 जनवरी 2026 से चल रही है। इसके साथ ही आयोग के निर्देशानुसार लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (Logical Discrepancy) से संबंधित नोटिस भी जनरेट किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि अपने-अपने बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से इस कार्य में सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने बताया कि लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के कारण नो-मैपिंग में प्रदर्शित मतदाताओं की सूची बूथ लेवल अधिकारियों के पास उपलब्ध है तथा आमजन के अवलोकन के लिए पंचायत भवनों, मतदान केंद्रों और वार्डों में भी प्रदर्शित की गई है, जिसमें विसंगतियों का कारण भी अंकित किया गया है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दौरान 23 फरवरी 2026 से 09 मार्च 2026 तक की अवधि में निस्तारित किए गए फार्मों की सूची प्रारूप-9, 10, 11, 11ए और 11बी जिला निर्वाचन कार्यालय, इटावा से प्राप्त की जा सकती है।
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से अपील की कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इस विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दें तथा जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, वे निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष मैपिंग की प्रक्रिया पूरी कराएं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है या जिनके दस्तावेज गलत पाए जाते हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। साथ ही शेष मामलों पर भी नियमानुसार निर्णय लिया जा रहा है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार, कृपा नारायण तिवारी (भाजपा), सत्येंद्र राजपूत (भाजपा), उदयभान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी), संजीव भदौरिया (भाजपा), आशुतोष दीक्षित (कांग्रेस), मोहित जाटव, इकरार अहमद (आम आदमी पार्टी) तथा मो. राशिद (कांग्रेस) सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
