उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के नेत्र रोग विभाग के चिकित्सकों ने एक जटिल ऑर्बिटल (आंख के आसपास) कैंसर से पीड़ित 54 वर्षीय मरीज का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मरीज को पूरा उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क प्रदान किया गया।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि मरीज लगभग एक माह पूर्व उपचार के लिए विश्वविद्यालय में आया था। इससे पहले वह विभिन्न शहरों में इलाज करा चुका था, लेकिन उसे अपेक्षित लाभ नहीं मिला। यूपीयूएमएस में विस्तृत जांच के दौरान मरीज में ऑर्बिटल कैंसर की पुष्टि हुई।
डॉ. रीना शर्मा के अनुसार मरीज पिछले लगभग तीन वर्षों से इस बीमारी से पीड़ित था। रोग की गंभीर अवस्था और ट्यूमर के अधिक फैलाव के कारण कैंसर आंख के पीछे के हिस्से से होते हुए चेहरे के गाल तक फैल चुका था। मरीज की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने ऑर्बिटल एक्सेंटरेशन सर्जरी की, जो नेत्र रोगों की अत्यंत जटिल और उच्च स्तरीय शल्य प्रक्रिया मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज वर्तमान में स्वस्थ है तथा चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
प्लास्टिक सर्जरी विभाग का भी रहा अहम योगदान
इस जटिल सर्जरी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. अतुल सक्सेना (एसोसिएट प्रोफेसर) और डॉ. भूपेश गोगिया (असिस्टेंट प्रोफेसर) ने सर्जरी के बाद उत्पन्न शल्य दोष के पुनर्निर्माण के लिए स्किन ग्राफ्टिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें माथे के हिस्से से त्वचा लेकर चेहरे पर प्रत्यारोपित की गई।
साथ ही पैथोलॉजी विभाग के प्रो. रूपक अग्रवाल तथा प्रो. अतित कुमार के नेतृत्व में एनेस्थीसिया टीम ने सर्जरी के दौरान निदान और शल्य प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस उपलब्धि पर प्रो. डॉ. अजय सिंह तथा नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. रवि रंजन ने चिकित्सकों की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान गंभीर और जटिल बीमारियों के उन्नत उपचार के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। यह सफलता न केवल संस्थान की चिकित्सा दक्षता को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश के मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
