ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की इटावा इकाई ने 7 फरवरी 2026 को पक्का तालाब स्थित हनुमान मंदिर के समक्ष दिए गए कथित भड़काऊ वक्तव्य के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सूरज सिंह उर्फ सूर्या द्वारा दिए गए बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें हज़रत अली (अ.स.) के संबंध में आपत्तिजनक एवं वैमनस्यपूर्ण टिप्पणियाँ की गईं। संगठन का कहना है कि इस प्रकार के बयान से जनपद की गंगा-जमुना तहज़ीब, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचती है।
AIMIM पदाधिकारियों ने अपने ज्ञापन में कहा कि इटावा की पहचान आपसी सद्भाव और शांति के लिए रही है। ऐसे में किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले वक्तव्य कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में पूर्व में Uttar Pradesh Police के अंतर्गत थाना कोतवाली, इटावा में भी लिखित आवेदन दिया जा चुका है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153A, 295A, 505(2) आदि के तहत निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर शांति, सौहार्द्र और कानून के शासन की रक्षा करना है। “नफरत नहीं, मोहब्बत और कानून की जीत हो” के संदेश के साथ ज्ञापन सौंपा गया।
