कस्बा क्षेत्र में घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक विवाहिता ने अपने पति पर शराब के नशे में मारपीट, गाली-गलौज एवं मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई तथा अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
मुहल्ला लुधपुरा निवासी श्रीमती गीतांजलि पत्नी वीरेन्द्र शाक्य ने बताया कि उनकी शादी लगभग 11 वर्ष पूर्व हुई थी और उनके दो नाबालिग बच्चे हैं। आरोप है कि बीते 12 दिसंबर की शाम करीब साढ़े चार बजे पति शराब के नशे में घर आया और मामूली विवाद को लेकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता का कहना है कि पति आए दिन शराब पीकर देर रात घर लौटता है और बच्चों के सामने अमानवीय व्यवहार करता है, जिससे बच्चे मानसिक रूप से आहत हो रहे हैं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उसे घर से निकाल दिया गया तथा प्रभावशाली लोगों की मदद से पति दोनों नाबालिग बच्चों को जबरन अपने साथ ले गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मामले की तहरीर के आधार पर थाना जसवंतनगर स्थित महिला हेल्प डेस्क पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र कुमारी नीरज एवं ऋषभ पाठक द्वारा पीड़िता की काउंसलिंग कराई गई। इसके उपरांत बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी वंदना भदौरिया, श्रम परिवर्तन अधिकारी अशोक कुमार पांडेय तथा समाज कल्याण विभाग के पंकज कुमार द्वारा मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता संतुष्ट नजर आई।
अधिकारियों ने बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) में आवेदन दिलाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। बच्चों के बयान एवं परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई एवं निर्णय लिया जाएगा। पुलिस व संबंधित विभागों द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
