जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) इटावा के आगामी चुनाव को लेकर आज एल्डर्स कमेटी चेयरमैन एडवोकेट शांतिस्वरूप पाठक के बस्ते पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि डीबीए 2024–25 का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और 8 अक्टूबर 2025 को आम अधिवक्ता सभा सम्पन्न होने के उपरांत अध्यक्ष, महामंत्री एवं पूरी कार्यकारिणी ने अपना कार्यभार एल्डर्स कमेटी को सौंप दिया था।

शांतिस्वरूप पाठक ने कहा कि एल्डर्स कमेटी के गठन के बाद चुनावी कार्यक्रम की विधिवत घोषणा की गई थी — मतपत्र बिक्री: 15 अक्टूबर 2025, नामांकन प्रक्रिया: 17–18 अक्टूबर 2025, आपत्तियों की तिथि: 27 अक्टूबर 2025
उन्होंने बताया कि आपत्ति अवधि के दौरान किसी प्रत्याशी के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान 7 नवम्बर 2025 को ही कराया जाएगा।
चेयरमैन पाठक ने आरोप लगाया कि निवर्तमान अध्यक्ष अनिल गौर, महामंत्री देवेन्द्र पाल एवं कुछ अन्य सदस्यों द्वारा चुनाव को बाधित करने और विवादित बनाने की साजिश की गई है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने बार काउंसिल ऑफ यूपी में फर्जी शिकायतें भेजकर चुनाव रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन जांच में वे शिकायतें झूठी और निराधार पाई गईं।
एल्डर्स कमेटी को बार काउंसिल अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ से प्राप्त पत्र में भी यह स्पष्ट उल्लेख है कि चुनाव 7 नवम्बर की पूर्व निर्धारित तिथि पर ही सम्पन्न कराया जाए। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा डीबीए हॉल में ताला डालना और चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना डीबीए इतिहास में निंदनीय कृत्य है।
पाठक ने कहा कि एल्डर्स कमेटी के निर्देशानुसार बार की एकता और अखंडता को बनाए रखते हुए समस्त अधिवक्तागण 7 नवम्बर को मतदान के पक्ष में हैं। उन्होंने घोषणा की कि “निर्धारित तिथि पर ही अध्यक्ष, महामंत्री समेत सभी पदों के लिए मतदान प्रक्रिया सम्पन्न कराई जाएगी।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वरिष्ठ सदस्य के 6 पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
इस संबंध में सूचना जिला जज, प्रधान न्यायाधीश, डीएम, एसएसपी, अध्यक्ष उपभोक्ता फोरम और स्थायी लोक अदालत को भेजी जा चुकी है।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान 6 व 7 नवम्बर को सभी अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। साथ ही जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मतदान स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और चुनाव में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई* हो।
प्रेस वार्ता में एडवोकेट प्रेमशंकर शर्मा, रवीन्द्र सिंह दुबे, रमाशंकर चौधरी, विशनचन्द्र अग्रवाल, राजीव चौधरी, आदित्य मोहन शर्मा, किरन माथुर, देवेन्द्र पाण्डे, प्रमोद तिवारी, संजय दुबे, राघव शर्मा, अशोक पाण्डे, अभिषेक तिवारी सहित कई अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
