तहसील सदर के ग्राम चौबिया में किसानों के साथ एक जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सुभ्रांत कुमार शुक्ल ने की। इस अवसर पर किसानों को पराली एवं फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरण, मिट्टी की गुणवत्ता तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।

बैठक में उपस्थित उप निदेशक कृषि इटावा ने किसानों को पराली जलाने के स्थान पर उपलब्ध वैकल्पिक उपायों जैसे—हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, कम्पोस्ट निर्माण तथा जैविक खाद तैयार करने की विधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पराली जलाने से वातावरण में प्रदूषण बढ़ता है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं और तकनीकों का लाभ उठाकर पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक बनें।
बैठक में बड़ी संख्या में कृषक, कृषि विभाग के अधिकारी एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
