कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नारायण कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स में “कारगिल शहीद स्मृति समारोह” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई का दिन भारत के शौर्य, साहस और बलिदान की गाथा को याद करने का दिन है। कारगिल युद्ध में हमारे वीर सपूतों ने असंभव परिस्थितियों में भी दुश्मनों को धूल चटा दी और भारत की अखंडता की रक्षा की।
डॉ. शर्मा ने बताया कि कारगिल की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण थीं, जहां तापमान माइनस 50 डिग्री तक गिर जाता है, लेकिन हमारे सैनिकों ने अपने अदम्य साहस से पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि उस समय पाकिस्तान ने भारत पर युद्ध थोपा, लेकिन भारतीय सेना के शौर्य और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने साबित कर दिया कि भारत किसी के आगे नहीं झुकता। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें शहीदों की वीरगाथा को सुंदर तरीके से दर्शाया गया। इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
