समाज में फैली अनेक कुरीतियों के प्रति आम जनमानस को सजग करने की मंशा पर आधारित नन्हें-मुन्हों की विभिन्न प्रेरणादायक नाटकीय प्रस्तुति ने अभिभावकों का दिल झकझोर दिया। वहीं कई प्रान्तों की आकर्षक वेशभूषा में सुसज्जित छात्र-छात्राओं के मनमोहक नृत्य ने दर्शकों को एक ही स्थान पर डटे रहने के लिए मजबूर कर अपने कलाकौशल से रूबरू कराया।
मंगलवार की देर शाम कस्बा के शुक्लागंज स्थित ज्ञान स्थली एकेडमी में आयोजित वार्षिकोत्सव- अभिव्यक्ति के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक नाटकीय मंचन के साथ संगीतमयी ध्वनियों पर कई नृत्य आदि प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था प्रबन्धक पूर्व विधायक शिवप्रसाद यादव ने अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता रामपाल सिंह राठौर, करूणाशंकर दुबे, प्रधानाचार्य मनोज सिंह सेंगर आदि के साथ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। तदुपरान्त प्रधानाचार्य मनोज सिंह सेंगर व उपप्रधानाचार्य नीतू सिंह ने आगन्तुक अतिथियों का प्रतीक चिन्ह्र भेंटकर स्वागत सम्मान किया। इसी क्रम में विद्यालय के नन्हें-मुन्हें छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वन्दना, आर्मी डांस, फूलों की होली, बरसो रे मेघा, बागवान, अंधेर नगरी चौपट राजा, फोन की लत आदि सामाजिक, सांस्कृतिक नाटकों का मंचन किया गया। साथ ही विभिन्न प्रान्तों के आकर्षक मनमोहक परिधानों में सुसज्जित नन्हें-मुन्हों के कई नृत्यों की प्रस्तुति ने उपस्थितजनों का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक शिवप्रसाद यादव ने कहा कि ज्ञान स्थली विद्यालय का यही उद्देश्य है कि छात्र-छात्रायें शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनें। जिसके लिए अध्यापक शिक्षा के दौरान ही बच्चों में संस्कार समाहित करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। क्योंकि व्यक्ति के पास धन-दौलत की सम्पत्ति हो या न हो, लेकिन संस्कार की सम्पत्ति होना परमावश्यक है। तभी एक अच्छे मनुष्य की रचना होती है। कार्यक्रम के दौरान समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा समस्त अभिभावकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।