शनिवार को सेंचुरी विभाग द्वारा शावक तेंदुआ को पकड़े जाने के बाद अब उसकी मादा तेंदुआ अपने बच्चे की तलाश में भटक रही है। रात के समय खेतों के आसपास घूमती मादा तेंदुआ को देखकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। उसे प्राथमिक स्कूल और पंचायत घर के पास खेतों में चक्कर लगाते हुए देखा गया।
दरअसल, शनिवार को गांव के बच्चों ने एक शावक तेंदुआ को पंचायत घर के शौचालय में बंद कर दिया था। बाद में इटावा सफारी पार्क और सेंचुरी विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर अपने पास सुरक्षित रख लिया। इस घटना के बाद अब मादा तेंदुआ अपने शावक को ढूंढते हुए गांव में देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
गांव ददरा के विद्याराम दिवाकर ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे जब वह खेत पर फसल की रखवाली करने गए, तो उनकी नजर विद्यालय की तरफ आ रही तेंदुआ पर पड़ी। अचानक उसे देखकर उनके हाथ-पैर कांपने लगे। उन्होंने नरेश सिंह को बुलाकर मदद मांगी, जिसके बाद अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। आवाज सुनते ही तेंदुआ वहां से भाग गई, लेकिन कुछ समय बाद खेतों में उसकी गर्जना सुनाई दी।
गांव के ही किसान राजाबाबू ने बताया कि तेंदुआ बरचोली मंदिर तक आवाज देती हुई गई। इस घटना से पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुआ को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। वहीं, वन विभाग की टीम गांव में लगातार तेंदुआ की निगरानी कर रही है और जल्द ही उसे भी रेस्क्यू करने की योजना बनाई जा रही है।