इटावा: जिले के कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार ने किसान भाइयों को संकर मक्का की बुवाई को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मक्का की बुवाई 10 फरवरी से लेकर 15 मार्च के बीच की जानी चाहिए। मक्के की फसल में पोषक तत्वों और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि यह फसल पानी और तापमान के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती है।
प्रमोद कुमार ने कहा कि यदि खेत असमतल हो, तो मक्के की बुवाई से पहले उसे समतल करना जरूरी है। खेत में गोबर की खाद और कंपोस्ट का अधिक से अधिक प्रयोग करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, मक्के की फसल में उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग किया जाए। यह भी सुनिश्चित करें कि फसल में कीट और रोगों का सही समय पर उचित प्रबंधन किया जाए।
कृषि अधिकारी ने बताया कि 10 फरवरी से जिले के सभी राजकीय बीज भंडारों पर मक्का का बीज उपलब्ध हो जाएगा। इस समय से किसान अपने ब्लॉक क्षेत्र के केंद्र से बीज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्होंने संकर मक्का की प्रजातियों के चयन और क्रय के समय विक्रेता से प्रजाति विशेष की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी। बीज की बुवाई के बाद, किसान बीज क्रय की रसीद और बीज का पैकेट सुरक्षित रखकर रख लें।
