इटावा जंक्शन पर शुक्रवार रात एक दिलचस्प और सराहनीय घटना घटी जब आरपीएफ ने अनजाने में अलग-अलग ट्रेनों में सवार एक परिवार को फिर से मिलवा दिया। खास बात यह है कि जिन दो ट्रेनों में परिवार के सदस्य सवार थे, दोनों का स्टापेज इटावा में नहीं था।
मधुवनी, बिहार के निवासी नकीरुल हसन अपनी पत्नी गुलाब शाह और दो वर्षीय बेटी के साथ दिल्ली से बिहार जा रहे थे। उन्हें स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पकड़नी थी, लेकिन भीड़ के कारण, पति नकीरुल हसन अपनी बेटी को लेकर दुरंतो एक्सप्रेस में चढ़ गए, जबकि पत्नी गुलाब शाह स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में बैठ गईं। कुछ देर बाद जब ट्रेनें चल पड़ीं तो दोनों को अपने परिवार के अन्य सदस्य के बारे में जानकारी मिली और बच्ची रोने लगी क्योंकि उसकी मां साथ नहीं थी।
पतिदेव ने बताया कि उनकी पत्नी अलग ट्रेन से आ रही हैं। इस पर उन्होंने रेलवे के कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करवाई। प्रयागराज मंडल के एसआई टीपी सरोज ने इटावा जंक्शन पर मामले की जानकारी दी। सुबह आठ बजे जब दुरंतो एक्सप्रेस इटावा जंक्शन पर आई, तो आरपीएफ के एसआई हीराचंद मीना और उनकी टीम ने पिता और बेटी को अटेंड किया।
इसके बाद, गुलाब शाह की ट्रेन जब 12:18 बजे इटावा जंक्शन पर पहुंची, तो उसे रोककर पिता-बेटी को उनकी मां से मिलवाया और फिर से परिवार को एकजुट कर दिया। दंपति और अन्य यात्रियों ने आरपीएफ और रेलवे कर्मियों की तत्परता और सहयोग की सराहना की।
