इटावा जिले के सराय शेख स्थित गुप्ता फार्मा एंड कंपनी में डीएम के आदेश पर गठित की गई पांच सदस्यीय टीम ने छापेमारी की, जिसमें कई राज्यों की एक्सपायर दवाएं बरामद हुईं। यह दवाएं कंपनी द्वारा आयुर्वेदिक दवाइयों के नाम पर मिलाकर जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों में भेजी जा रही थीं। यह मामला गंभीर होने के साथ-साथ स्वास्थ्य से संबंधित है, क्योंकि इन एक्सपायर दवाओं का उपयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है।
ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय ने बताया कि छापेमारी के दौरान कंपनी से नौ संदिग्ध दवाइयों के नमूने बरामद किए गए थे। इन दवाइयों को लखनऊ के राजकीय प्रयोगशाला में भेजा गया था ताकि उनकी जांच की जा सके। हालांकि, एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इसका मतलब यह है कि फार्मा कंपनी पर अब तक की गई कोई भी कार्रवाई निष्क्रिय बनी हुई है।
इसी दौरान, अधिकारियों ने पाया कि कंपनी में मिलावटी दवाओं की आपूर्ति रंग-बिरंगे कैप्सूल और अन्य संदिग्ध सामग्री के रूप में की जा रही थी। इन दवाओं का कुल मूल्य लगभग छह लाख रुपये बताया गया है। इन अवैध दवाओं को विभिन्न स्थानों पर वितरित किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता था।
फिलहाल, डीआई रजत पांडेय के अनुसार, मामले की जांच पूरी होने तक फार्मा कंपनी के खिलाफ कोई कानूनी कदम नहीं उठाए जा सकते हैं। इस बीच, प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ से जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि स्वास्थ्य से संबंधित खतरे से बचा जा सके और दोषी व्यक्तियों को सजा मिल सके।
