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चकरनगर में डीएपी और एनपीके खाद की भारी कमी से किसान परेशान हैं। पिछले दो महीनों से क्षेत्र में खाद के लिए मारामारी मची हुई है। एक किसान को केवल दो बोरियां खाद मिल रही हैं, जिसमें कभी डीएपी तो कभी एनपीके की आपूर्ति कम हो जाती है। सरसों की बुवाई से लेकर अब गेहूं की बुवाई तक खाद की यह किल्लत खत्म नहीं हुई है।

खाद की मांग को देखते हुए क्षेत्र की बंद पड़ी कई सहकारी समितियों को चालू किया गया, लेकिन सहसों सहकारी समिति जैसे कई केंद्र आज भी भेदभाव और प्रबंधन की खामियों के चलते बंद पड़े हैं। इस कारण किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कुछ किसान एनपीके के सहारे खेतों में बुवाई कर रहे हैं, लेकिन यह समाधान पर्याप्त नहीं है। राजेश कुमार, एक स्थानीय किसान ने बताया, “खाद के लिए कई बार समितियों में गए, लेकिन हमें खाद नहीं मिल पा रही है। गेहूं की बुवाई के लिए खाद की सख्त जरूरत है, लेकिन सभी प्रयास बेकार जा रहे हैं।” क्षेत्र में सहकारी समिति चकरनगर पर खाद का वितरण असमान रूप से हो रहा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द खाद की आपूर्ति सुचारू की जाए ताकि बुवाई प्रभावित न हो।

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