रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्री-प्राइमरी के बच्चों ने गरबा की धुन पर किया नृत्य पारंपरिक प्रसाद का आनंद लेकर जाना भारतीय संस्कृति का महत्व

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इटावा। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), इटावा में प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने नवरात्रि का पर्व उत्साह, उमंग और रंगारंग सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मनाया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस उत्सव में बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भारतीय संस्कृति और त्योहारों की खूबसूरती को जीवंत कर दिया। गरबा की मनमोहक धुनों पर थिरकते बच्चों की खुशियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। उत्सव के दौरान बच्चों ने पारंपरिक गतिविधियों में भाग लेने के साथ-साथ अपने सहपाठियों के साथ मिलकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।

नवरात्रि उत्सव के अवसर पर छोटे-छोटे विद्यार्थी आकर्षक और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में विद्यालय पहुंचे। बच्चों के परिधानों में भारतीय संस्कृति की विविधता और त्योहारों की रंगीन छटा दिखाई दी। विद्यालय में उत्सवपूर्ण माहौल के बीच बच्चों ने गरबा संगीत पर नृत्य किया और पूरे उत्साह के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता की। इस आयोजन ने बच्चों को पढ़ाई के साथ भारतीय त्योहारों की परंपराओं को करीब से जानने और उन्हें अनुभव करने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने त्योहार से जुड़ी रचनात्मक गतिविधियों और सजावटी शिल्पकला में भी हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। रंगों, कलात्मक सजावट और पारंपरिक उत्सव से जुड़ी गतिविधियों ने बच्चों की रुचि को बढ़ाया। इस तरह के आयोजन छोटे बच्चों को खेल-खेल में नई चीजें सीखने, समूह में काम करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद करते हैं।

नवरात्रि उत्सव का एक खास आकर्षण पारंपरिक प्रसाद रहा। बच्चों ने अपने सहपाठियों के साथ पूरी, हलवा और चने का आनंद लिया। सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण करने से बच्चों में मिल-जुलकर रहने, आपसी सहयोग और साझा खुशियों की भावना को प्रोत्साहन मिला। भारतीय संस्कृति में त्योहारों और प्रसाद का विशेष महत्व है। विद्यालय में इस तरह के आयोजन बच्चों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के साथ उनमें सामाजिक सद्भाव और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में भी सहायक होते हैं।

विद्यालय में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के महत्व से परिचित कराना भी रहा। नृत्य, कला और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा सहपाठियों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताने का अवसर मिला। बचपन में ऐसे अनुभव बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और सामाजिक व्यवहार के विकास में उपयोगी साबित होते हैं।

डीपीएस इटावा में नवरात्रि का यह आयोजन बच्चों के लिए आनंद, रचनात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का सुंदर अवसर बना। पारंपरिक वेशभूषा, गरबा की धुनों, रंगारंग गतिविधियों और स्वादिष्ट प्रसाद के बीच नन्हे विद्यार्थियों ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम ने विद्यालय में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करने के साथ बच्चों को त्योहारों की खुशियां एक-दूसरे के साथ साझा करने का संदेश भी दिया।

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